ग्वालियर में मंत्री-कलेक्टर की बैठकों में निगम का फीडबैक खराब
ग्वालियर. जनता से जुड़ी समस्याओं के मसले पर नगर निगम का फीडबैक खराब ही निकला है। आमतौर पर तो यह रोज-रोज का मसला है लेकिन शुक्रवार को दो बैठकों में भी यही हालत नगर निगम की हुई। प्रदेश के उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह की विकास कार्याें की बैठक में मंत्री को यह तक बोलना पड़ा कि उनके 149 पत्रों के निगम ने गोलमोल जवाब दिए हैं। इसपर निगम ने पत्रों के जवाब भी बताए लेकिन मंत्री संतुष्ट नहीं दिखे। वहीं बुनियादी सुविधाओं को लेकर मंत्री काम गिनाते रहे। यहां निगम यह तस्वीर थी और दूसरी बैठक राजस्व अधिकारी की थी जो कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ली। कलेक्टर ने बैठक में सभी एसडीएम से उनके क्षेत्र की प्रमुख समस्याएं पूछीं तो नगर निगम से जुड़ी समस्याएं ही परेशानी का कारण थी। कलेक्टर ने नई व्यवस्था बना दी और जनसमस्याओं को लेकर एसडीएम को सभी विभागों का नेतृत्व करने को कह दिया,निर्माण कार्य व ट्रैफिक के लिए भी कमेटी बनेंगी।
ऊर्जा मंत्री ने निगमायुक्त को थमाए 149 पत्र
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार को बाल भवन में नगर निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें मंत्री ने 149 पत्र नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल को सौंपते हुए कहा- जनसमस्या के निवारण के लिए यह पत्र मैंने लिखे हैं, लेकिन अधिकारियों ने इनका जवाब ही नहीं दिया। इस पर आयुक्त ने जवाब में कहा कि 123 पत्रों की पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट भेज दी है, शेष पर कार्रवाई चल रही है। मंत्री ने कहा- जो जवाब दिए जाते हैं, वह गोलमोल होते हैं। इसके अलावा सीवर, सड़क, सफाई, एलईडी को लेकर चर्चा की। अधिकारी उनकी बातों को नकारने लगे तो मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि चलो पहले मौके पर जाकर स्थिति देखते हैं, इसके बाद बैठक करेंगे ऊर्जा मंत्री ने कहा कि गेंडे वाली सड़क क्षेत्र एवं तानसेन नगर चमड़ा मिल मार्ग की सीवर लाईनें तीन दिन के भीतर साफ कराएं। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने शहर की स्ट्रीट लाइट व सड़कों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में लगाई गईं एलईडी लाईटों को युद्घ स्तर पर दुरूस्त कराएं। इसी तरह उन्होंने बरसात की वजह से खराब हुई सड़कों की मरम्मत पर विशेष बल दिया। बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, एएसपी अभिनव चौकसे, अपर आयुक्त अतेन्द्र सिंह गुर्जर, ऊर्जा मंत्री के ओएसडी महक सिंह व एसडीएम प्रदीप सिंह तोमर तथा निगम, पीएचई, बिजली कंपनी, पीआइयू, पीडब्ल्यूडी तथा शहर विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

