केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 4% बढ़ा, 42% से बढ़कर 46% हुआ
नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को गैर-उत्पादकता से जुड़े बोनस यानी नॉन-प्रॉडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दे दी है। दीवाली से पहले यह सरकार की ओर से केन्द्रीय कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के लिये 2022-23 के लिये इस बोनस की गणना के लिये अधिकतम सीमा 7 हजार तय की हे।
DA बढ़ने के बाद कितना फायदा होगा?
बेसिक सैलरी में ग्रेड सैलरी को जोड़ने के बाद जो सैलरी बनती है, उसमे महंगाई भत्ते की दर का गुणा किया जाता है। जो नतीजा आता है, उसे ही महंगाई भत्ता यानी डिअरनेस अलाउंस (DA) कहा जाता है। यानी, (बेसिक पे + ग्रेड पे) × DA % = DA अमाउंट
इसे एक उदाहरण से समझते हैं, मान लीजिए बेसिक सैलरी 10 हजार रुपए और ग्रेड पे 1000 रुपए है। दोनों को जोड़ने पर टोटल 11 हजार रुपए हुआ। 11 हजार रुपए का 46% निकालने पर 5,060 रुपए हुआ। सबको जोड़कर 16,060 रुपए हुए।
अब 42% DA के हिसाब से इसका कैलकुलेशन देखते हैं। 11 हजार रुपए का 42% हाता है 4620 रुपए। 11000 + 4620 = 15,620 रुपए होता है। यानी 4% DA बढ़ने के बाद हर महीने कर्मचारियों को 420 रुपए का फायदा होगा।
इन्हें मिलेगा बोनस
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार के अंतर्गत आने वाले ग्रुप बी और सी में आने वाले नॉन गजेस्टेड कर्मचारियों को भी बोनस मिलता है और इसके अलावा एडॉक बोनस का लाभ केन्द्रीय अर्द्ध सैनिक बलों के कर्मचारियों को आर्म्ड फोर्सेस को भी दिया जाता है। इस बोनस में 30 दिन के वेतन के बराबर पैसा मिलता है।
ऑफिस ऑर्डर में शेयर की गई जानकारी
इस संबंध में एक ऑफिस ऑर्डर में वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर की ओर से जानकारी शेयर करते हुए कहा गया है कि लेखा वर्ष 2022-23 के लिए 30 दिनों की सैलरी के बराबर गैर-उत्पादकता से जुड़ा बोनस ग्रुप सी में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया गया है और ग्रुप बी के सभी नॉन गजटेड कर्मचारी, जो किसी भी उत्पादकता से जुड़े बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा.

