एमएसपी गारंटी के लिए यूपी में भाजपा को घेरेंगे किसान, फिलहाल वापस नहीं होगा आंदोलन
नई दिल्ली. किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि खेती कानून वापस लिए जाने के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। यही नहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने 22 नवंबर को यूपी के लखनऊ में महापंचायत भी बुला ली है। इसमें सभी किसान नेता पहुंचेंगे। शनिवार को सिंघु बॉर्डर पर बैठक करने वाली पंजाब की 32 किसान यूनियनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के इस फैसले का समर्थन किया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 29 नवंबर से 500-500 किसानों के जत्थे ट्रैक्टरों पर संसद की तरफ कूच करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा नेता जगजीत सिंह राय ने कहा कि किसान नेताओं की तैयारियां जारी है और मोर्चा के सभी पूर्व घोषित कार्यक्रम जारी रहेंगे। राय ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने किसानों की बाकी मांगें भी नहीं मानी तो यूपी में भाजपा की घेराबंदी की जाएगी।
शनिवार दोपहर सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के 32 किसान संगठनों की अहम बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि सभी किसान जत्थेबंदियां संयुक्त किसान मोर्चा के साथ हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत दूसरी मांगें पूरी कराने के लिए आंदोलन को आगे कैसे बढ़ाया जाना है, इसकी पूरी रणनीति रविवार को होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग में बनाई जाएगी और इसमें पंजाब की 32 किसान यूनियनों के नेता भी शामिल होंगे।

