ईसी ने लगाया डीजल चोरी में लाखों के घोटाले का आरोप, जेयू नहीं सौंप पा रही ब्यौरा
ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यायल में कुछ भ्रष्टाचार होने की आशंका जताई जा रही है। कार्यपरिषद सदस्य संगीता कटारे ने 5 दिसंबर 2022 को हुई कार्यपरिषद की बैठक में विवि में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए एक आवेदन सौंपा था। जिसमें विवि प्रबंधन से पिछले 2 वर्षों का अलग-अलग विभागाें में हुए आर्थिक व्यय का ब्यौरा मांगा था । विवि ने बैठक के 15 दिन के भीतर यानि 20 दिसंबर तक पूरी जानकारी सौंपने का वादा किया था। लेकिन वर्तमान तक कार्यपरिषद सदस्य संगीता कटारे को किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है। हालांकि ईसी ने चार बिंदुओं में अपने सवालों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की आशंका जताई थी, जिसमें किसी अन्य विवि के शिक्षक को पीएचडी का मार्गदर्शक बनाने, ड्राइवर के नाम पर अतिरिक्त भत्ता देने , खेल के सामान की खरीददारी में घपले की आशंका जताने के साथ सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए फिजिकल विभाग में खरीदे गए रोलर में हुए डीजल घोटाले का आरोप शामिल था। इस पर संगीता कटारे का अारोप है कि विवि इस मामले में कहीं न कहीं दोषी है या किसी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ है जिस वजह से अभी तक कोई दस्तावेज पेश करने की जगह सिर्फ निराधार बहाने बनाए जा रहे हैं।
यह था पूरा आरोप
शारीरिक शिक्षा विभाग में एक रोलर खरीदा गया है। डा. विवेक वापट द्वारा रोलर में डीजल डालने के लिए समय-समय पर 25 से 30 लीटर की पर्ची बनाकर विवि में पदस्थ कर्मी रिजवान खान को दी जा रही है। पिछले दो वर्षों से लाखों के डीजल की चाेरी रोलर के नाम पर की जा रही है। जिससे विवि को आर्थिक हानि पंहुच रही है। जुलाई से सितंबर माह तक वर्षा का मौसम था जिस दाैरान राेलर चला नहीं है लेकिन फिर भी डीजल की खपत दिखाई गई है। साथ ही समय-समय पर राेलर का खराब होना भी दिखाया गया है। इन बिलों का भुगतान विभाग में पदस्थ एलडीसी और यूडीसी के बिना प्रमाणित किये हो रहा है। इस संबंध में पिछले दो वर्षों के नोटशीट, बिल और रिपेयरिंग का ब्यौरे की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।

