ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत सरकार ने LPG सिलेंडर पर लिया बड़ा फैसला,कई राज्यों में गैस और ईंधन की कमी
नई दिल्ली. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार हमले कएि जा रहे है। ईरान भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर हमला कर रहा है। युद्ध के कारण गैस आयात में बाधा आने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकारी तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि उपलब्धर एलपीजी सिलेंडर पहले घरेलू उपभोक्ताओं को दिए जाएं उसके बाद ही व्यावसायिक उपयोग के लिए सप्लाई की जाए। इसके अलावा मंत्रालय ने सिलेंडर रिफि के इंतजार की अवधि 21 दिन से बढाकर 25 दिन कर दी है।
कुछ राज्यों में कमी की खबर
रिपोर्ट के अनुसार बिहार, महाराष्ट्र और पंजाब सहित कई राज्यों में एलपीजी और ईधन की कमी की खबरें सामने आई है। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन सामान्य रूप से काम कर रहे है और ईधन की कोई बडी कमी नहीं है।
मंत्रालय ने कहा एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही दी जाए
पेट्रोलियम इमंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां यह युनिशिचत करें कि खरीदी गई एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही दी जाए। सरकार ने देश की सभी तेल रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को भी निर्देश दिया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का इस्तेमाल दूसरे पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने के बजाय केवल एलपीजी उत्पादन के लिए किया जाए।
होटल-रेस्तरां उद्योग की चिंता
दरअसल, मंत्रालय के इस आदेश के बाद होटल और रेस्तरां उद्योग भी चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी बीच नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने चेतावनी दी है कि अगर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित हुई तो कई रेस्तरां बंद हो सकते हैं। वहीं बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने भी कहा कि गैस की कमी के कारण शहर के कई रेस्तरां बुधवार से संचालन नहीं कर पाएंगे।
इसके बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गैर-घरेलू उपयोग के लिए आयातित एलपीजी अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को दी जाएगी। होटल और रेस्तरां की मांग की समीक्षा के लिए तीन तेल कंपनियों के निदेशकों की एक समिति बनाई गई है।

