सम्राट मिहिर भोज की जयंती पर पुलिस है अलर्ट, प्रतिमा के आसपास 300 से अधिक जवान तैनात
ग्वालियर. शुक्रवार को सम्राट मिहिर भोज की जयंती के अवसर पर पुलिस अलर्ट मोड़ पर है। पुलिस ने चिरवाई नाका पर सम्राट की विवादित प्रतिमास्थल से लेकर हाइवे तक सर्चिंग की है। लगभग 300 जवान सुरक्षा में तैनात किये गये है। ड्रोन से लेकर डिजीटल कैमरों से लैस पुलिस जवान पल-पल की हरकत पर निगरानी रखे हुए है। ग्वालियर की भिंड, मुरैना, दतिया और शिवपुरी की सीमाओं पर पेट्रोलिंग की जा रही है। ताकि माहौल खराब न हो। सुबह से पुलिस की मौजूदगी को देखते हुए प्रतिमास्थल तक किसी ने भी जाने की हिमाकत नहीं की है। पिछले कुछ सालों में सम्राट मिहिर भोज को लेकर गुर्जर और क्षेत्रीय समुदायों में विवाद चल रहा है।
मिहिर भोज का क्या है मामला
ग्वालियर के चिरवाई नाका पर सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा स्थापित की गई थी। प्रतिमा की स्थापना के समय वहां प्रतिमा के नीचे नाम पट्टिका शिलालेख में सम्राट मिहिर भोज को गुर्जर सम्राट मिहिरभोज बताया गया था। जिसके बाद गुर्जर व क्षत्रिय जाति एक दूसरे के सामने आ गई थीं। सम्राट मिहिर भोज को अपना बताते हुए गुर्जर व क्षत्रिय समाज में टकराव होना शुरू हो गया था। दोनों की ओर से धरना प्रदर्शन, उपद्रव शुरू हो गया था। जिस पर धारा 144 लगानी पड़ी थी। इसके बाद यह विवाद कोर्ट में पहुंचा था। कोर्ट ने हालात बिगड़ते देख प्रतिमा को कवर कर सभी के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। साथ ही प्रशासन, इतिहासकारों को मिलाकर एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था जिनको यह जांच करनी थी कि मिहिरभोज की जाति क्या है। समिति की रिपोर्ट पहुंचने के बाद से सुनवाई जारी है। अभी कुछ ही दिन पहले कोर्ट ने दोनों पक्षों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति से निराकरण करने की सीख दी। कोर्ट ने कहा कि मिहिरभोज किसी वर्ग या समाज के नहीं हैं, वे सभी के लिए सम्माननीय और पूज्य हैं। इसके बाद भी दोनों पक्ष में से कोई पीछे हटने को तैयार नहीं है।
गुर्जर- राजपूतों के बीच तनाव पुलिस अलर्ट
गुर्जर-प्रतिहार वंश के प्रतापी शासक सम्राट मिहिर भोज को लेकर गुर्जर और राजपूत समाजों के बीच अपना-‘अपना दावा है, यही वजह है कि यह दोनों दल कई बार आमने-सामने आ चुके है। जिससे ग्वालियर का माहौल बिगड़ा है। इसी को देखते हुए शुक्रवार की सुबह से ही पुलिस के आधा-सैकड़ा जवानों के साथ ही अधिकारी भी चिरवाई नाका पर तैनात रह कर हर स्थिति पर नजर रखे हुए थे। किसी को भी पुलिस ने सम्राट मिहिर भोजप की प्रतिमा के पास तक नहीं जाने दिया।
कई बार हो चुका है बवाल, उपद्रव
पुलिस इसलिए अलर्ट मोड पर है, क्योंकि इससे पहले कई बार इसी मुद्दे पर शहर में बवाल हो चुका है और एक बार शुरू हुआ बवाल जिले के कई इलाकों में शुरू हो जाता है, जिससे स्थिति संभालने में काफी परेशानी होती है।
पुलिस का कहना
इस मामले में एसपी ग्वालियर राकेश सगर का कहना है कि सम्राट मिहिर भोज की जयंती पर कोई विवाद के हालात न बने इसके लिए पुलिस तैनात है। पुलिस रात तक तैनात रहेगी।

