सट्टे के हिसाब- किताब को लेकर एसआई और आरक्षक के बीच झूमा झटकी डीजीपी ने 600 किमी दूर किया ट्रांसफर
ग्वालियर. इंदरगंज थाने में गणना के दौरान एसआई और दो आरक्षक के बीच सट्टे के हिसाब किताब को लेकर हुई मारपीट का मामला जैसे ही डीजीपी सुधीर सक्सेना में लाया गया तो उन्होंने पुलिस की गिरती साख को बचाने के लिये ग्वालियर मुख्यालय से 600 किमी दूर ट्रांसफर कर दिया है। आदेश में कहा गया है कार्य सुविधा की दृष्टि से ट्रांसफर किया जा रहा है इन्हें तत्काल रिलीव करे और इन्हें ट्रांसफर की गयी जिले में पहुंचकर आमद दर्ज कराये। एसआई अतरसिंह कुशवाह जिला सीधी भेजा गया है। जबकि आरक्षक पूष्प्रेन्द्र सिंह लोधी को मऊगंज और रामकिशोर को बड़वानी भेजा गया है। आदेश में एसपी ग्वालियर को कहा गया हैं इन्हें तत्काल रिलीव कर गंतव्य के लिये रवाना करें। एसपी राकेश सगर ने तत्काल ही शनिवार की सुबह रिलीव करके रवाना कर दिया गया है।
क्या है मामला
शहर के इंदरगंज थाना में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अतर सिंह कुशवाह का थाने में पदस्थ आरक्षक रामकिशोर यादव व पुष्पेन्द्र लोधी से किसी सटोरिए को लेकर विवाद हो गया था। विवाद किस बात को लेकर हुआ था यह तो साफ नहीं था, लेकिन आरक्षकों और सब इंस्पेक्टर के बीच जमकर गाली गलौज हुई है। साथ ही झूमाझटकी की नौबत आ गई। साथी पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों ने दोनों का बीच बचाव कराया। जिस समय सब इंस्पेक्टर व आरक्षकों में विवाद हो रहा था किसी साथी ने वीडियो शूट कर लिया। वीडियो को पुलिस अधिकारियों को ग्रुप पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आते ही पुलिस अधिकारी हरकत में आए और एसपी ग्वालियर राकेश सगर ने तीनों पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन अटैच कर दिया है।
विवाद का कारण क्या है?
ऐसा पता लगा है कि पूरा विवाद एक सटोरिए को लेकर हुआ है। सटोरिए से आने वाले हिसाब किताब में कुछ गड़बड़ आने पर सिपाहियों और सब इंस्पेक्टर में विवाद हुआ। आरक्षकों का आरोप है कि पहले सब इंस्पेक्टर अतर सिंह कुशवाह ने उनको गाली गलौज देकर बातचीत की थी। इसके बाद उन्होंने भी गाली दीं, जो वीडियो पुलिस अफसरों के पास पहुंचा है उसमें दोनों ही पक्ष एक दूसरे से गाली गलौज करते हुए नजर आ रहे हैं। जिसके बाद एसपी ग्वालियर ने तीनों को लाइन अटैच करने का निर्णय लिया है।
पुलिस का कहना है कि विवाद का क्या कारण था इसकी जांच की जा रही है। सब इंस्पेक्टर व दोनों आरक्षकों का आचरण पुलिस की गरिमा के अनुरूप नहीं था। यही कारण है कि उनको लाइन अटैच किया गया है।

