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शासकीय महाविद्यालय गाँवों को लेंगे गोद और बनायेंगे विवाद रहित-संभाग आयुक्त

ग्वालियर – ग्वालियर-चंबल संभाग के महाविद्यालय “समझौता से समाधान” कार्यक्रम में अहम भूमिका निभायेंगे। महाविद्यालय अपने जिले के गाँवों को गोद लेकर न केवल विवाद रहित बनायेंगे, अपितु सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का सुगम माध्यम भी बनेंगे। संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना की पहल पर दोनों संभागों में “समझौता से समाधान” कार्यक्रम संचालित है। उन्हीं की पहल पर दोनों संभागों के लगभग 200 महाविद्यालयों द्वारा संबंधित जिले के चुनिंदा गाँवों को गोद लिया जा रहा है। संभाग आयुक्त ने गुरूवार को गूगल मीट के जरिए इसकी समीक्षा की। साथ ही इस पहल को कारगर बनाने के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
30 अगस्त को अपरान्ह 3 बजे से 5 बजे तक महाविद्यालयों के प्राचार्यों व प्राध्यापकों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित करें। इस कार्यशाला के जरिए उन्हें “समझौता से समाधान” कार्यक्रम के तहत गाँवों में अंजाम दी जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दें, जिससे वे गोद लिए गाँवों को हर मायने में आदर्श बना सकें। गाँवों में सरकार के आठ विभागों की 25 योजनाओं को मूर्तरूप देने में महाविद्यालय अहम भूमिका निभायेंगे। साथ ही गाँवों को विवाद रहित बनाने का काम भी करेंगे। समझौता से समाधान कार्यक्रम के तहत ग्वालियर व चंबल संभाग में अब तक 124 गाँव विवाद रहित बनाए जा चुके हैं। महाविद्यालयों के सहयोग से 400 गाँवों को विवाद रहित बनाने का लक्ष्य है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करें
संभाग आयुक्त ने अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति की समीक्षा भी गूगल मीट के जरिए की। उन्होंने खासतौर पर श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड जिलों के कलेक्टर को विशेष सतर्कता बरतने और तेजी से राहत व बचाव कार्य अंजाम देने के निर्देश दिए। गूगल मीट में जानकारी दी गई कि वर्ष 1996 में आई बाढ़ से भी ज्यादा वर्तमान में चंबल नदी का जल स्तर पहुँच गया है। इसलिए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। सरकार की मदद से भिण्ड व मुरैना जिले में दो हैलीकॉप्टर के माध्यम से बाढ़ प्रभावित गाँवों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। साथ ही एसडीआरएफ की नावों के जरिए भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
शेष तहसीलों में जल्द से जल्द ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने पर जोर
संभाग आयुक्त ने दोनों संभागों की शेष तहसील कार्यालयों में जल्द से जल्द ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा एक हफ्ते के भीतर यह कार्रवाई पूर्ण हो जाना चाहिए। संभाग के 18 तहसील कार्यालयों में अब तक ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है।
अंकुर अभियान के तहत रोपे गए पौधों के फोटोग्राफ वायुदूत एप पर अपलोड करने के निर्देश भी संभाग आयुक्त ने गूगल मीट में दिए। साथ ही आधार नंबर से मतदाता सूचियों को लिंक करने के काम में तेजी लाने पर बल दिया। इसके अलावा सीएम राईज स्कूल व हर घर जल योजना सहित सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी गूगल मीट में की गई।

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