शहर में जगह जगह कचरे ढ़ेर,सड़कों से निकलना मुश्किल
ग्वालियर. स्वच्छ सर्वेक्षण के माहौल में नगर निगम कितना मुस्तैद है,यह कचरा कलेक्शन की स्थिति से देखा जा सकता है। सोमवार की सुबह सड़कों पर जगह जगह कचरे के ढ़ेर साफ पोल खोल रहे थे। सड़क किनारे पड़े कचरे को गाय खा रहीं थीं, इसके अलावा सरकारी शौचालय के आगे तक से कलेक्शन नहीं किया जा रहा। ऐसे में यह स्पष्ट है कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की क्या स्थिति होगी। हाल ही में सर्वे टीम ग्वालियर में आई थी और अलग अलग जगह सर्वे किया। नगर निगम में कचरा कलेक्शन को लेकर हाइटेक व्यवस्थाओं का दावा किया जाता है लेकिन डोर टू डोर कलेक्शन की बात हो या सड़कों से कचरा उठाने की,सब व्यवस्थाएं लड़खडाती दिख रही हैं। टिपर वाहनों की मानीटरिंंग किस तरह की जा रही है, इसमें भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के माहाैल में नगर निगम का यह रवैया चौंकाने वाला है।
यह मिली स्थिति
पहला प्वाइंट- वार्ड दो में आने वाले कैथोलिक कब्रस्तान के आगे रहमत नगर के सामने कचरे का ढ़ेर लगा दिखा जहां गाय कचरे को खा रहीं थीं। यहां सूखा व गीला दोनों तरह का कचरा था और यहां से निकलने के दौरान बदबू आ रही थी।
दूसरा प्वाइंट- झाडू वाला मोहल्ला के सामने सरकारी शौचायल जो जर्जर हाल में पड़ा है इसके सामने तक से कचरा नहीं उठाया गया था। यहां लोगों से पूछा गया कि यह कचरा क्यों पड़ा है तो दुकानदार ने बताया कि दोपहर तक ही गाड़ी आती है,कचरा पड़ा ही रहता है।
तीसरा प्वाइंट- शिंदे की छावनी पर पलैया वाली गली के आगे ही अरोरा भवन के आगे कचरा पड़ा हुआ था।यहां कचरे पर कार पार्क कर दी गई थी और मवेशी भी खड़े दिखे। इस प्वाइंट पर भी कचरा आमतौर पर उठाया नहीं जाता है।

