रैली में किसान नहीं जुटे तो जवाब नहीं दे पाए राकेश टिकैत
नई दिल्ली. संयुक्त किसान मोर्चा आज दिल्ली के रामलीला मैदान में महापंचायत कर रहा है, जिसमें कई राज्यों से किसानों का रैली में शामिल होने का दावा किया जा रहा था, लेकिन आज किसान महापंचायत में नाममात्र के किसान पहुंचे तो किसान नेता सवालों से बचते नजर आए। गौरतलब है कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात के लिए कृषि भवन पहुंच गया था और करीब 1 घंटे यह बैठक चली। किसान नेता उनसे मुलाकात करने के लिए दिल्ली पुलिस की वैन से पहुंचे थे। इसमें दर्शन पाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, युद्धवीर सिंह सहित दूसरे नेता शामिल थे। इसी बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने दावा किया कि हमने एमएसपी कमेटी की मांग नहीं की थी, हमने तो एमएसपी गारंटी कानून की मांग की है। टिकैत ने कहा कि 2024 में पूरे देश में भाजपा का बुरा हश्र होगा। राकेश टिकैत ने बैठक के बाद बताया कि किसान मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर कृषि मंत्री से मिला। यह मुलाकात करीब एक घंटे रही। मोर्चा की अगली बैठक 30 अप्रैल को होगी। कम भीड़ के सवाल पर गोलमोल जवाब दिया।
लागू हो स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट
गौरतलब है कि 3 साल बाद एक बार फिर से किसान आंदोलन का आह्वान दिल्ली में किया जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता आज महापंचायत के जरिए किसान, आदिवासी किसान, महिला किसान, खेत मजदूर और प्रवासी मजदूर, ग्रामीण श्रमिक, बेरोजगारी, और बढ़ती निर्वाह व्यय और घटती क्रय शक्ति जैसे मसलों पर चर्चा करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की मांग है कि संयुक्त स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सभी फसलों पर सी2+50 प्रतिशत के फार्मूला के आधार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाया जाए। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि केंद्र सरकार ने एमएसपी के निर्धारण के लिए जो समिति गठित की है, उसे रद्द कर संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।

