रानी कमलापत का महल अपनी दुर्दशा पर रो रहा है, स्टेशन का नाम रानी कमलापत और बेखबर है शिवराज सरकार
भोपाल. मप्र की राजधानी भोपाल में रानी कमलापति का यह महल अपनी दुर्दशा पर स्वयं रो रहा है। इस पुरातात्विक विरासत को संरक्षित तो नहीं कर सकी, लेकिन शिवराज सरकार वोटों की राजनीति जरूर कर रही है। राजनीति कितनी कू्रूर है वह इतिहास को भी संजोति है। वोटों के लिये, इतिहास और उसके साक्ष्यों की रक्षा करने के लिये।
महान रानी कमलापत का अमर स्मरण करते हुए प्रदेश की शिवराज सरकार से आग्रह है कि हमारे आदिवासी नायकों की इस धरोहर की उपेक्षा पर अपना पक्ष रख इस अमूल्य विरासत को सुरक्षित जरूर रखे।वही, दूसरी ओर जनजातीय सम्मेलन में रानी कमलापत को बढ़ा चढाकर दिखाया जा रहा है और इसी क्रम में हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापत रखा है। इस सारे मामले से शिवराज सरकार बेखबर है।

