यूक्रेन-रूस युद्ध के 8 माह बाद बारूद के ढेर पर दुनिया, तबाही, लाशें, खौंफ के साये में जिन्दगियां
नई दिल्ली. इसी वर्ष फरवरी माह की बात है। रूस की तरफ से यूक्रेन की सीमा पर सैनिकों की तैनाती की जा रही थी। आशंका जताई जा रही थी कि रूस आक्रमण कर सकता है। लेकिन पुतिन सैन्य अभ्यास की बात कर रहे थे। 24 फरवरी 2022 का वह मनहूस दिन, जब रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया। दुनिया भर में हलचल बढ़ गयी। रूस के ताबड़तोड़ हमले से ऐसा लग रहा था कि पुतिन काफी जल्दबाजी में हैं और एक सप्ताह में युद्ध निर्णायक साबित होगा। लेकिन आज 8 माह बीत जाने के बाद भी युद्ध जारी है और लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है बल्कि लगातार पुतिन की तरफ से परमाणु हमले की धमकी दी जा रही है। हम पड़ताल करने की कोशिश करेंगे कि युद्ध के 236 दिनों बाद क्या हैं हालात।
युद्ध में तबाही होती है, विनाश होता है, जिंदगियां खत्म होती है और हजारों परिवार बेघर हो जाते हैं। किसी मां की गोद उजड़ जाती है तो किसी सुहागन का सुहाग, किसी का भाई तो किसी की बहन, कितने ही बेटे और बेटियों के सिर से मां-बाप का साया उठ जाता है। युद्ध कितना भयावह हो सकता है। इसका अंदाजा दुनिया को सेकेण्ड वर्ल्ड वॉर से लग चुका है, जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम गिराया गया था। पलभर में लाखों जिंदगियां उजड़ गयी थीं और जो बचे वह अपगंता के शिकार हो गये यूक्रेन‘-रूस युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ चुका है।

