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संविधान हमें वैचारिक स्वतंत्रता देता है, यह अपराध की श्रेणी में कहा आता है, मेरे खिलाफ पूरे हिन्दुस्तान में एफआईआर हो गिरफ्तारी देने तैयार हूं, -एडवोकेट अनिल मिश्रा

ग्वालियर. पुलिस ने मेरे खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है उसमें मैं गिरफ्तारी देने के लिये आया हूं। वजह…वे वजह तो एफआईआर हुई है बोलने की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा रही है पुलिस तो इसका मतलब यह है संविधान ने स्वतंत्रता दी है किसी की भलाई-बुराई कहना भी कहना भी उचित नहीं है तो वह अपराध श्रेणी में आता है। इसलिये मैं गिरफ्तारी देने आया हूं। अम्बेडकर को मैंने अगर बुरा बोल दिया तो यह मैरा विचार है जिसको सही बोलना है तो वह सही बोल सकता है तो यह वैचारिक मतभेद में अपराध कहां बनता है तो यह मेरा कहना है। हां तो है न उसमें लिखा हुआ है उसको भी पढ़ना चाहिये आदमी को अभी मैं अपनी गिरफ्तारी देने के लिये आया हूं। एक सवाल के जवाब में बोले पूरे हिन्दुस्तान में हो मैं सब जगह अरेस्ट होना चाहता हूं। हां मैं अपनी बात पर अडिग रहूंगा और अम्बेडकर के विरोध में रहूंगा। मैं कभी भी नहीं कहूंगा कि मैंने कोई गलती की है। नहीं कहीं से दूर-दूर तक अपराध नहीं बनता है क्योंकि यह मेरे बोलने की वैचारिक स्वतंत्रता का हनन है इसलिये कोई अपराध नहीं है। इसलिये कोई अपराध नहीं है। अगर किसी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री या किसी महान पुरूष पर टिप्पणी करें तो वह अपराध की श्रेणी में कहा आता है हमें टिप्पणी करने की स्वतंत्रता है यह सब दबाव की राजनीति है। यह बात दोपहर 2 बजे एसपी कार्यालय पर अपनी गिरफ्तारी देने आये एडवोकेट अनिल मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं है।
क्या है मामला
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मिश्रा ने डॉ.भीमराव अंबेडकर को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही मिश्रा के बयान लेने की तैयारी है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक मिश्रा ने सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में डॉ. अंबेडकर को अंग्रेजों का गुलाम-एजेंट, झूठा कहने के साथ ही आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। इस बयान पर दलित संगठनों और जूनियर अधिवक्ताओं ने आपत्ति की और पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। मामले की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने अनिल मिश्रा को नोटिस भेजा था। पुलिस ने सोमवार रात विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया।
एसपी से मिले सम्यक संमाज संघ के पदधिकारी
एडवोकेट अनिल मिश्रा द्वारा की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज होकर सम्यक समाज संघ के संयोजन लाखनसिंह बौद्ध बड़ी संख्या में दलित समाज की लोगों के साथ एसपी ऑफिस पहुंचकर मुलाकात की। अनिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कार्यालय के बाहर नारेबाजी की थी। लाखन सिंह बौद्ध ने चेतावनी दी थी कि अगर दोषियों पर कार्यवाही नहीं हुई तो वह पैदल भोपाल के लिये कूंच करेंगे और सीएम हाउस पर धरना देंगे।

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