मिराज-सुखोई दुर्घटना में जांजीपुर की खाई में मिला मिराज का दूसरा इंजन
ग्वालियर. महाराजपुरा एयरबेस से मिराज और सुखाई -30 के उड़ाने भरने के बाद पहाड़गढ के जंगल में टकरा जाने के बाद से ही एयरफोर्स की टीम मिराज के इंजन पाटर््स तलाश रही टीम को मंगलवार की शाम सफलता हाथ लगी टीम को मिराज का दूसरा इंजन हाथ लगा। इस इंजन दिखाई देने के बाद एयरफोर्स की टीम ने पेड काटकर रास्ता बनाया फिर इंजन के पार्ट्स तक पहुंचकर बरामद किया। विगत शाम वायुसेना स्टेशन पर दोनों विमान के पाटर््स को लिस्टेड करने के बाद एक इंजन के पाटर््स मिले थे और इसके बाद टीम को सुबह पहाड़गढ़ भेजा गया था।
आपको बता दें कि 28 जनवरी को मुरैना स्थित पहाड़गढ़ के ईश्वरा महादेव के जंगल में दुर्घटनाग्रस्त मिराज विमान पहाड़गढ़ व सुखोई विमान भरतपुर में जा गिरा था। 3 दिन से विमान के कॉकपिट के पाटर््स व ब्लैक बॉक्स की तलाश पूरी होने के बाद विमान के पाटर््स की जांच के लिये लिस्टेड किया था। इसमें मिराज के दूसरे इंजन के पाटर््स नहीं थे। इसकी सर्चिंग सोमवार को की गयी थी लेकिन बरसात के बीच वायुसेना की तलाश पूरी नहीं हो सकी थी।
एयरफोर्स अफसरों ने माना- दूसरा इंजन मिल गया
एयरफोर्स ने विमान क्रैश स्थल के एक किमी के दायरे में आमजन व पुलिस फोर्स की एंट्री बैन कर रखी है। इसलिए भास्कर टीम ग्रामीण बनकर बमुश्किल उस जगह पहुंच सकी, जहां क्रैश हुए मिराज का दूसरा इंजन मिला है। ग्रामीण के रूप में मौजूद संवाददाता से वहां मौजूद एयरफोर्स अधिकारी ने बताया कि खाई में विमान का जो हिस्सा मिला है, वह उसका दूसरा इंजन ही है। जब संवाददाता ने कुछ फोटो लेना शुरू किए तो एयरफोर्स अफसरों ने मोबाइल फोन से फोटो डिलीट करा दिए।
पहले टैक्डी में होगी जांच फिर बेंगलुरु में
महाराजपुरा स्टेशन मिराज का बेसस्टेशन हैं इसलिए इसकी प्रारंभिक जांच ग्वालियर में होगी। सुखोई का बेस स्टेशन यहां नहीं है लेकिन सुखोई टैक्डी में अटैच था, इस कारण सुखोई के पार्ट्स की प्रारंभिक जांच यहीं होगी। विमान के पार्ट्स की जांच बेंगलुरू में कराई जाएगी।

