मां-बेटी एसडीएम के डर से सहमी रहती है निलंबित होने के बाद भी दे रहा है धमकी
मुरैना. पीडि़ता की मां ने बताया कि एसडीएम के डर की वजह से बेटी सदैव डरी सहमी रहती है। एसडीएम निलंबित होने के बाद भी राजीनामा करने की धमकी दे रहा है और साथ ही कह रहा है कि मामला खत्म नहीं किया तो लड़की जिन्दगी नरक बना दूंगा।
इस सारे घटनाक्रम पर पीडि़ता का चाचा बोला जब मैं एसडीएम के पास नहीं गया तो वह स्वयं मेरे ठेके पर आये और कहा कि मुझे नहीं जानता, मैं एसडीएम हूं, सबसे बड़ा ऑफीसर, बार-बार बुलाने पर भी नहीं आ रहा, तुझे झूठी एफआईआर में फंसा दूंगा। एसडीएम अरविंद माहौर को एक युवती से फोन पर गाली-गलौज करने और धमकी देने के आरोप में सीएम के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया था। आरोप है कि निलंबन के बाद भी, माहौर पीडि़ता के परिवार पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं और ऐसा नहीं करने पर उन्हें बर्बाद करने की धमकी दे रहा है। इस मामले को लेकर पीडि़ता की मां और चाचा ने एक बार फिर अधिकारियों से शिकायत की है।
क्या है मामला
मुरैना के सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर को एक युवती से फोन पर गाली-गलौज करने के आरोप में मुख्यमंत्री के आदेश पर निलंबित कर दिया गया था। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर अंकित अस्थाना से एसडीएम की शिकायत की, जिसमें वीडियो भी शामिल था। इसके बाद कलेक्टर ने उन्हें मुख्यालय अटैच कर दिया। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर निलंबन की जानकारी दी और चंबल कमिश्नर को अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसडीएम पर युवती से फोन पर गालीगलौज करने और सबलगढ़ में देवर की दुकान पर पहुंचकर धमकी देने का आरोप है। कलेक्टर को दिए गए वीडियो में एसडीएम अभद्र भाषा में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही निलंबित एसडीएम को मुख्यालय अटैच करने के बाद उन्होंने रात में दफ्तर खोला और 6 पटवारियों के ट्रांसफर किए, जिनमें से 4 पर कलेक्टर ने रोक लगा दी। एसडीएम पहले भी विवादों में रहे हैं, जिनमें जनसुनवाई में फरियादी को थप्पड़ मारने की धमकी देना और चपरासी से मारपीट करना शामिल है।

