मां के स्तनपान के भाव को जूनियर डॉक्टर्स ने चित्रों में उकेरा
ग्वालियर │ कमला राजा अस्पताल में विश्व स्तनपान सप्ताह के तीसरे दिन विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए l इसमें मुख्य रूप से युवाओं में और युवाओं के द्वारा जन जागरण के लिए पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई।
यह आयोजन बालरोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो डॉ. अजय गौड़, प्रो डॉ रवि अम्बे द्वारा करवाया गया l इन प्रतियोगिताओ में अंडर‑ग्रेजुएट, इंटर्न, पोस्ट‑ग्रेजुएट एवं नर्सिंग विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। इस प्रतियोगिता में लगभग 50 छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने स्तनपान विषय पर अपनी कलात्मक एवं रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। सभी प्रतिभागियों से “ शिशुओं को स्तनपान ” विषय पर सुंदर पोस्टर एवं आकर्षक स्लोगन की रचना की , जिसका मूल उद्देश्य जन-मानस में स्तनपान का महत्व सहज और प्रभावपूर्ण रूप से पहुंचाना था।
प्रतिभागियों द्वारा रचित पोस्टरों एवं नारों में विशेष रूप से लोकप्रिय रहे
दूध की पोषकता, अद्वितीयता अनमोल है )
नवजात शिशुओं को रोग‑प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने वाले मां के दूध की जीवंत व्याख्या)
“स्वस्थ शिशु की पहली सीढ़ी – माँ का दूध अनमोल निधि!”
“स्तनपान अपनाएं – शिशु को सशक्त बनाएं!”
निर्णायक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ पोस्टर एवं स्लोगन का चयन कर पुरस्कृत किया जाएगा कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रो डॉ अजय गौड़ ने बताया कि जन्म के पहले छह महीनों तक विशुद्ध स्तनपान अत्यावश्यक है, जिससे नवजात मृत्यु दर में कमी आती है, रोग‑प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, और माँ के दीर्घकालिक स्वास्थ्य जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर, मधुमेह व हृदयरोग का जोखिम घटता है।
प्रो डॉ. रवि अम्बे ने बताया कि स्तनपान मात्र व्यक्तिगत निर्णय नहीं, अपितु स्वास्थ्य‑शिशु‑परिवार‑समाज की सफलता की आधारशिला है।” इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ सत्येंद्र राजपूत एवं सीनियर रेजिडेंट डॉ राहुल, डॉ विनीला, डॉ ऋचा, डॉ अथुल, डॉ इशिता , डॉ रश्मि एवं डॉ जय ने विशेष सहयोग एवं योगदान दिया।

