महंगाई भत्ता का फायदा नहीं मिलेगा इस महीने में, 7.50 लाख कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता
भोपाल. मप्र के 7.50 लाख कर्मचारियों को बढ़े हुए 4 % महंगाई भत्ते (DA) का लाभ 1 फरवरी को मिलने वाले वेतन में नहीं मिल पायेगा। दरअसल, ट्रेजरी एंड अकाउंट ने 31 जनवरी की रात 8 बजे सिस्टम को अपडेट किया है। जिसमें महंगाई भत्ता (DA) 34 से बढ़ाकर 38% कर दिया गया है। इससे सरकार द्वारा 4% महंगाई भत्ता (DA) जनवरी के माह से फरवरी मे देने की तैयारी धरी की धरी रह गयी। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की NPS और GPF में कटौती 34% महंगाई भत्ते के हिसाब से ही हुई। लिहाजा, कर्मचारियों को ब्याज का 20 करोड़ रूपये का नुकसान हो गया। 2004 के पहले सेवा में आये कर्मचारियों का GPF कटता है। जिस पर 7.04 प्रतिशत और एनपीएस में 9 प्रतिशत ब्याज मिलता है। इधर, अब 1 फरवरी से बढ़े हुए महंगाई भत्ते के अलग से बिल जमा होंगे और अलग से भुगतान करना पड़ेगा। इसके लिये 1.50 लाख बिल अलग से बनाये जायेंगे।
वेतन के बिल 20 तारीख से बनने लगते हैं
सीएम ने 21 जनवरी को 4% डीए बढ़ाए जाने की घोषणा कर दी थी। लेकिन आर्डर 27 जनवरी को हुए। कोष एवं लेखा आयुक्त ज्ञानेश्वर पाटिल के मुताबिक वेतन के बिल 20 तारीख के बाद ट्रेजरी में लगने लगते हैं। चार दिन में बढ़े हुए डीए का एरियर समेत सेलरी का भुगतान संभव नहीं था। इसलिए प्राथमिकता सेलरी देने की थी सिस्टम में 38% डीए अपडेट कर दिया गया है। 1 फरवरी से बढ़े हुए डीए का बिल विभाग प्रस्तुत करेंगे।
IAS-IPS को नुकसान
अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को 1 जुलाई से बढ़े 4% डीए का भुगतान 6 महीने के एरियर के साथ बुधवार को मिलने वाले वेतन में होगा। 31 दिसंबर 2004 के पहले सेवा में आए अफसरों को जीपीएफ कटौती राशि के ब्याज का 12 हजार जबकि एनपीएस धारक अफसरों को 16 हजार रुपए तक नुकसान हुआ।
3 लाख कर्मचारी NPS वाले
मप्र में 3 लाख कर्मचारी नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के दायरे में आते हैं। इनका डीए वेतन में शामिल होता है जिसमें से 10% राशि कर्मचारी के खाते से और 14% अंश सरकार मिलाती है। इस तरह वेतन का 24% एनपीएस में जमा होता है। इस पर 9% ब्याज मिलता है।

