मप्र के बैंकों में जमा धन पहली बार 5 लाख करोड़ के पार
भोपाल. कोरोना के वक्त आईं आर्थिक परेशानियों ने लोगों को बचत करना सिखा दिया। यही वजह है कि मध्य प्रदेश के बैंकों में जमा धन दो साल में 22.43 प्रतिशत बढ़ गया। इसी कारण आम आदमी के बैंक खातों और सरकारी खातों में जमा राशि पहली बार 5 लाख करोड़ रुपए के अभूतपूर्व स्तर को पार कर गई है। इसमें 1 लाख करोड़ रु. से ज्यादा की राशि भोपाल की है।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। प्रदेश की वित्तीय सेहत की यह रिपोर्ट 24 मार्च को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने पेश होगी। रिपोर्ट के अनुसार बड़े के साथ ही छोटे शहरों में भी बचत जबरदस्त तरीके से बढ़ी है। लोग गैर जरूरी खर्चों को नियंत्रित कर रहे है और उसे स्वभाव में ला रहे हैं।
जमा की तुलना में कर्ज लेने की दर दो साल में 4.33% घटी
रिपोर्ट के मुताबिक दो साल में कर्ज बढ़ोतरी की रफ्तार महज 14% ही रही। अगर बचत की तुलना में लिए गए कर्ज के अनुपात या सीडी रेशियो की बात करें तो यह 4.33% तक घटकर 75.77% रह गया, जो कोविड के आने के पहले 80% था। हर 100 रु. की जमा पर लोग जितना कर्ज लेते हैं, उसी आधार पर राज्य का सीडी रेशियो तय होता है।

