ग्वालियर में रोड़ी चौड़ी करते समय मंदिर की मूर्ति हुई खंडित, हुआ विवाद, पुलिस बल तैनात
ग्वालियर. सागरताल-मछली मंडी रोड के चौड़ीकरण में लेबे समय से बाधक बने धार्मिक स्थल और दूसरे अतिक्रमण सोमवार को हटा दिए गए। हिंदू-मुस्लिम समुदाय से जुड़े होने के कारण पिछले कई वर्षों से ये अतिक्रमण नहीं हट पा रहे थे लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों समुदाय के धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर मंदिर, मजार और कब्रें दूसरी जगह शिफ्ट करा दिए साथ ही जैन मंदिर की दीवार भी पीछे की गई जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हालांकि मंदिर से मूर्ति हटाते समय गिरने से खंडित हो गई इससे विवाद हो गया।
एसडीएम प्रदीप तोमर ने बताया कि सागरताल के सामने की एक बीघा जमीन पर हनुमानजी और शिवजी के दो मंदिर, एक मजार, एक कब्रिस्तान और जैन मंदिर की दीवार का कुछ भाग बना हुआ था। ये जमीन सड़क चौड़ीकरण के लिए योजना में शामिल है, लेकिन लंबे समय से इन कब्जों के कारण सड़क का चौड़ीकरण अटका हुआ था। हिंदू-मुस्लिम संगठन और जैन मंदिर के पदाधिकारियों से प्रशासनिक अफसरों ने बातचीत कर अवैध निर्माण को हटाने पर सहमति बनाई। इसके अलावा वैभव श्रीवास्तव द्वारा अवैध निर्माण कर बनाया गया सीमेंट गोदाम भी तोड़ा गया।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की अफसरों से नोंकझोंक
इस जमीन पर बने मंदिराें से मूर्तियां हटाते वक्त हनुमानजी की मूर्ति खंडित हो गई। मूर्ति हटाने का काम मंदिर संभालने वाले लोग ही कर रहे थे। मूर्ति खंडित होने की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और उनकी अधिकारियों से नोंकझोंक होने लगी। जिसके बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया, वहां पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई और मामला वरिष्ठ नेताओं तक पहुंच गया। काफी देर विवाद होने के बाद तय हुआ कि मंगलवार को व्यवस्थित चबूतरा बनाकर हनुमानजी की दूसरी मूर्ति स्थापित की जाएगी। बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक मनोज रजक ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में प्रशासन ने पक्षपात किया है। यदि मंगलवार को मंदिर का चबूतरा व्यवस्थित नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।

