पप्पू राय की हत्या का खुलासा, कांग्रेस नेता का भाई बेइज्जती का बदला लेना चाहता था, 15 लाख रूपये की सुपारी दी
ग्वालियर. चर्चित प्रॉपटी डीलर व जिम संचालक पप्पू राय की हत्या का खुलासा हो गया है। कांग्रेस नेता के भाई ने प्रॉपर्टी विवाद में बेइज्जती का बदला लेने के लिये 15 लाख रूपये में सुपारी दी थी। चार दिन तक उसकी रैकी करने के बाद तिघरा कुलैथ के एक बदमाश ने उसकी हत्या की थी। सुपारी पंकज राय ने दी थी। पुलिस 8 दिसम्बर की शाम तक पूरे मामले का खुलासा करने जा रही है। अभी कुछ आरोपियों की तलाश की जा रही है। पकड़े गये एक हत्या के आरोपी ने हत्या करना और करवाना भी स्वीकार कर लिया है।

क्या है मामला
बहोड़ापुर आनंद नगर निवासी 51 वर्षीय पप्पू उर्फ रामकुमार राय प्रॉपर्टी कारोबारी थे। उनकी आनंद नगर में ही ग्रेट चैम्पियन के नाम से जिम है। 2 दिसंबर की सुबह पप्पू राय अपने घर के बाहर टहल रहे थे। इसी समयए बुलट व अन्य बाइक से आए बदमाशों ने पप्पू राय पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इसमें एक गोली उनके माथेए 3 पेट में और एक पीठ में लगी है।गोली मारने के बाद हमलावर हाथ में पिस्टल लहराते हुए भाग निकले। आवाज सुन कर पप्पू के परिजन और आस.पास के लोग पहुंचे। उसे लेकर अस्पताल पहुंचेए जहां डॉक्टरों ने पप्पू को मृत घोषित कर दिया। हमलावरों की संख्या 4 बताई गई थी। पुलिस ने मामले में सीसीटीवी के फुटेज से लेकर हर जगह छानबीन की।

प्रॉपर्टी विवाद में झगड़ा करना महंगा पड़ा पप्पू को
दरअसल, पप्पू राय और पंकज राय दोनों ही प्रॉपर्टी का कारोबार से जुड़े हुए थे। दोनों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर झगड़ा चल रहा था। पप्पू राय कई बार पंकज राय की बेइज्जती भी कर चुका था। पंकजराय इसका बदला लेने का मन बना चुका था। ऐसे में उसने पप्पू को रास्ते से हटाने का फैसला चुके थे। पंकज ने पप्पू राय से बेइज्जती का बदला लेने के लिये कुलैथ निवासी घोंटा उर्फ मुकेश से संपर्क किया। हत्या करना 15 लाख रूपये में मुकेश ने तय किया था। इसके बाद उसने पप्पू राय की रैकी के लिये आनंदनगर के पीयूष और लालू को काम सौंपा था। दोनों बदमाशों ने चार दिन तक पप्पू राय की हर हरकत पर नजर रखी गयी थी। इसके बाद पप्पू राय की हत्या की रणनीति बनायी गयी। इसके तहत पीयूष और लालू ने घटना वाले दिन सुबह जैसे ही पप्पू राय घर से निकला, तो घटना को अंजाम दिया। घटनास्थल पर मुकेश व उसका एक साथी भी तैनात थे।
हत्याकाण्ड का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच टीआई दामोदर गुप्ता, एसआई सुरजीत सिंह परमार एएसआई राजीव सोलंकी, हैड कान्स्टेबल घनश्याम जाट, जितेन्द तोमर, भगवती सोलंकी, रामबाबू, चन्द्रवीर आरक्षक नवीन पाराशर, आशीष शर्मा, रूपेश शर्मा, हरिओम व्यास, योगेन्द तोमर, अरूण पवैया एवं थानाबहोडापुर से थानाप्रभारी बहोडापुर टीआई अमरंिसह सिकरवार, एएसआई जानकीनंदन, आरक्षक तारा सिंह, विजय गुर्जर, धर्मेन्द्र तोमर, हिम्मत, अवनेन्द्र सिंह आदि टीम ने हत्याकांड का खुलासा करने कड़ी मशक्कत की।

