नगरनिगम हमारा पूरा परिवार है हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर को स्वच्छ बनाना है-डॉ. शोभा सिकरबार
ग्वालियर. नगरनिगम चुनाव के बाद पहला निगम सम्मेलन आयोजित किया जिसमें पार्षदों ने एक आवाज में जल, सीवर और सड़क की समस्यायें पार्षदों ने उठाई और एक कि अधिकारी पहले तो उनका फोन नहीं उठाते है तो सही जबाव नहीं देते हैं। इस बात को लेकर पार्षदों आक्रोश देखने को मिला। सभापित मनोज तोमर के माध्यम से आयुक्त से पूछा कि इन समस्याओं का समाधान कब तक होगा।
आप किसी घटना का इंतजार कर रहे तभी ठीक करायेंगे-महापौर
नगरनिगम परिषद की बैठक में महापौर श्रीमति शोभा सिकरबार बोली-हमको दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर का समस्या मुक्त और कचरे से मुक्त कराकर साफ सुथरी सड़के, सीवर और पानी की समस्या से समाधान कराना है, हम सभी नगरनिगम परिवार के सदस्य है हमारी जिम्मेदारी सभी पार्षदों के कार्यो को करना है और पार्षदों की जो भी समस्या उनका समाधान करना है। मैने भी फोन किया अधिकतर अधिकारी-कर्मचारी बीमारी का बहाना बनाते हैं। आप उसका इंतजार कर रहे है जब कोई दुर्घटना हो तभी हम उसे ठीक करेंगे। सभी पार्षदों को मिलकर शहर को स्वच्छ बनायेंगे और आयुक्त महोदय से कहूंगी सभी पार्षदों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समस्याओं का समाधान करायेंगे।
कांग्रेस पार्षद अवधेश कौरव बोले जल, सीवर और स्ट्रीट लाईट की समस्या उठाई। इनको जोनवाइज ठेकेदार के देकर किये जाये। समय सीमा में सीवर और सड़क और स्ट्रीट लाईट की समस्याओं का समाधान हो और मौके पर सफाई कर्मचारियों का निरीक्षण हों।
एक पार्षद ने बैठक में नगरनिगम के अधिकारी पार्षदों की नहीं सुनते हैं मेरा कहना है कि स्मार्ट सिटी लाईट समय पर ठीक होना चाहिये।
सभापति मनोज तोमर बोले सभी की समस्यायें लगभग समान है समस्यायें रिपीट न करें और शॉर्ट में बोले।
पार्षद अनिल सांखला ने आरोप लगतो हुए कहा कि 50-50 प्रतिशत अमृत का पानी आ रहा है इस संबंध में मेरा कहना है कि उसे प्रतिदिन के लिये नियमित किया जाये। पम्प अटेण्डरों को बोरिंग चालू करने के लिये भेजा जाये। इसी बीच कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच गहमा-गहमी हो गयी तो सभापति ने शांत कराया।
भाजपा पार्षद मोहित जाट ने कहा समस्याओं से लड़ते-लड़ते शाम हो जायेगी, तो उन्होंने सुझाव दिया है कि पार्षद नगरनिगम के पार्षद को बात करने के लिये नगर निगम का एक अधिकारी नियुक्त किया जिससे वह बात कर सके। जेडओ तो केवल बिल्डरों से बात करने के लिये है।
वार्ड 16 में अमृत योजना के तहत बनाई गयी पानी की टंकी के नीचे गहरा पानी भरा हुआ है मैंने इस बात की शिकायत कभी नगर निगम के अधिकारियों से की लेकिन कोई नहीं सुनता है। भरे पानी से टंकी के गिरने की संभावना है।
एक पार्षद ने परिषद की बैठक में 700 आउर्टसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में कितना आरक्षण दिया गया है तो बताया कि प्रायवेट कंपनी के माध्यम से रखे गये है।

