दीर्घकालिक पेयजल योजना से शहर में 2050 तक पेयजल की आपूर्ति होगी – ज्योतिरादित्य सिंधिया
ग्वालियर सम्पूर्ण ग्वालियर शहर की पेयजल समस्या के स्थायी निदान की दिशा में अहम निर्णय हुआ है। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में शहर की दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति योजना को जनप्रतिनिधियों की सहमति से अंतिम रूप दिया गया। दीर्घकालिक पेयजल योजना में चंबल प्रोजेक्ट, कोतवाल डैम, अपर ककैटो – ककैटो – पहसारी जलाशय और तिघरा से ग्वालियर शहर को अगले 28 वर्षों तक हर साल लगभग 464 एमएलडी पानी की निर्वाध आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। लगभग 1100 करोड़ रूपए की लागत से यह पेयजल आपूर्ति योजना मूर्तरूप लेगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि दीर्घकालिक पेयजल योजना से ग्वालियर शहर के लिए वर्ष 2050 तक पेयजल आपूर्ति हो सकेगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि शहर की दीर्घकालिक पेयजल योजना में चंबल प्रोजेक्ट के जरिए 90 एमएलडी, कोतवाल डैम से 60 एमएलडी और अपर ककैटो – ककैटो – पहसारी जलाशयों से पाइप लाईन के जरिए 120 एमएलडी पानी तिघरा जलाशय के माध्यम से शहर को उपलब्ध होगा। वर्तमान में हर साल कम से कम 192 एमएलडी पानी की उपलब्धता रहती है। इसके अलावा रीसाइकिलिंग के जरिए भी 40 एमएलडी पानी शहर को उपलब्ध कराने का प्रावधान दीर्घकालीन पेयजल योजना में किया गया है।
स्वच्छता रैंकिंग के हिसाब से हर वार्ड में लगेंगे साइन बोर्ड
बैठक में निर्देश दिए कि स्वच्छता के प्रति सभी वार्डों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा पैदा करने के उद्देश्श्य से स्वच्छता रैकिंग के हिसाब से हर हफ्ते रैंकिंग लिखकर साइन बोर्ड प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने कहा एक से 10 रैंक प्राप्त करने वाले वार्डों में हरे रंग के, 11 से 50 रैंक वाले वार्डों में पीले रंग के और 51 से 66 रैंक वाले वार्डों में लाल रंग के साइन बोर्ड प्रदर्शित किए जाएं। रैकिंग बदलने के साथ-साथ हर वार्ड के शाइन बोर्ड भी बदले जाएं।
आंगनबाड़ी, संजीवनी क्लीनिक व पार्कों को गोद दिलाएँ
बैठक में जोर देकर कहा कि शहर विकास में जनभागीदारी जरूरी है। इसलिए आंगनबाड़ी, संजीवनी क्लीनिक, शहर के पार्क और मुख्य सड़क मार्गों को शहर के समाजसेवी संस्थाओं, व्यापारिक संगठन, उद्यमियों, बैंक व अन्य कंपनियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों को गोद दिलाएं। उन्होंने इन सभी की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए।
सभी 461 नल-जल योजनाओं की सूची जनप्रतिनिधियों को दें
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के 461 ग्रामों में निमाणाधीन नल-जल योजनाओं की सूची योजना पूरी होने की टाईम लाइन सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि अच्छी तरह परीक्षण के बाद ही नल-जल योजनाओं को हैण्डओवर किया जाए। साथ ही पाइप लाइन डालने के लिये खोदी गईं सड़कों को साथ-साथ ही दुरूस्त कराया जाए।
प्रभारी मंत्री व ऊर्जा मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने दिए उपयोगी सुझाव
शहर की सड़कों को जल्द से जल्द ठीक करने पर विशेष बल दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में लिए गए निर्णयों पर समय-सीमा में अमल सुनिश्चित किया जाए। ऊर्जा मंत्री ने कहा शहर के सभी पार्कों और सड़कों के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण की ठोस प्लानिंग करें और इस पर हो रहे अमल की नियमित रूप से समीक्षा की जाए। बीज एवं फार्म विकास निगम के अध्यक्ष ने सीवेज सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही। लघु उद्योग विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती इमरती देवी, भाजपा जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा व मोहन सिंह राठौर ने डबरा में अवैध कॉलोनियों में रूके हुए नामांतरण शुरू करने का सुझाव दिया। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने इस संबंध में जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर को दिए।
सफाई कर्मियों को करें सम्मानित और उनके हैल्थ कार्ड बनवाएँ
सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने सुझाव दिया कि स्वच्छता अभियान में सबसे अहम भूमिका स्वच्छता कर्मियों की होती है। इसलिए उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। इस पर सफाई कर्मियों का डाटाबेस तैयार कर हैल्थ कार्ड बनवाए जाएं और हर माह कम से कम एक बार जिला चिकित्सालय में उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराएं।
खराब स्मार्ट लाईटें ठीक करें और एक समान साइन बोर्ड लगवाएँ
स्मार्ट सिटी की सीईओ श्रीमती जयति सिंह को निर्देश दिए कि शहर की खराब स्मार्ट लाईटें जल्द से जल्द दुरूस्त कराएं। नगर निगम से समन्वय बनाकर यह काम किया जाए। उन्होंने जयपुर शहर की तर्ज पर एक माह के भीतर महाराज बाड़ा की दुकानों के शाइन बोर्डों को एकरूपता के साथ साइन बोर्ड लगवाने और महाराज बाड़ा क्षेत्र के हाईमास्कों को व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए।

