तन के अंगों का फड़कना मतलब बेहद अशुभ संकेत माना जाते
जिस प्रकार ज्योतिष शास्त्र में कुण्डली के ग्रहों के माध्यम भविष्यफल बताया जाता है। उसी प्रकार समुद्र शासत्र में शरीर में बने तिल, निशान, जन्म के निशान और शरीर से मिलने वाले संकेतों से भविष्य की घटनाओं के बारे में जानने के तरीके बताता हे। समुद्र शास्त्र के अनुसार शरीर के विभिन्न अंगों के फड़कने के अलग-अलग मतलब निकलते हैं। इनमें से कुछ शुभ होते है तो कुछ अशुभ आइये जानते हैं कि शरीर के किस अंग का फड़कना क्या संकेत देता है।
आंखों का फड़कना

पुरूषों की बाई और महिलाओं की दाहिनी आंख फड़के तो यह दुःखद समाचार मिलने या अशुभ घटना होने का संकेत होता है। वहीं, पुरूषों की दांई और महिलाओं की बांई आंख फड़के तो शुभ समचार प्राप्त होता हे।
कान फड़के तो क्या है

गले का फड़कना माना जाता है शुभ

अगर किसी इंसान का गला फड़कता है तो उसे शुभ माना जाता हे। इसका मतलब होता है कि घर में खुशहाली आने वाली है। सिर का मध्य भाग फड़कने से धन प्राप्ति होती है और परेशानियों से मुक्ति मिलती है। स्त्री की बाई आंख चारों ओर फड़कने से विवाह के योग बनते है। यदि किसी व्यक्ति की नाक फड़के तो उसे धन की प्राप्ति होती हे।
माथा फड़कना करता है इस ओर इशारा

माथा फड़कना जिंदगी में सुख-सुविधाएं बढ़ने का इशारा है. इसके अलावा यह मान-सम्मान मिलने का भी संकेत है।
दोनों की हथेली में छिपे राज

महिलाओं के मामले में इसका उलटा है। उनके लिये बांई हथेली का फड़कना पैसा खर्च कराता है और दांई हथेली का फड़कना आर्थिक फायदा करता है।
इस संकेत को न करें नजरअंदाज

अगर व्यक्ति की हथेली के किसी कोने में फड़फड़ाहट हो तो वह निकट भविष्य में उसके संकट में घिरने का संकेत होता है. यदि किसी इंसान के दाहिने हाथ का अंगूठा फड़फड़ाए तो इसका मतलब होता है कि उसकी मनचाही मुराद मिलने में विलंब होने जा रहा है। अगर इंसान की छाती के दाहिनी ओर फड़फड़ाहट हो तो यह विपदा का संकेत माना जाता है।

