टोल को लेकर सख्त हुई केन्द्र सरकार, टोल बकाया होने पर एनओसी, फिटनेस सर्टीफिकेट नहीं मिलेगा
नई दिल्ली हाइवे पर गाड़ी चल रही है टोल प्लाजा पर फॉस्टैग स्कैन हुआ और बीप की आवाज आई। बैरियर उठा और आप आगे निकल गये। आपको लगा कि काम खत्म। लेकिन अब कहानी यही खत्म नहीं होगी। केन्द्र सरकार ने इस कहानी के एं डमें एक जोरदार क्लाइमैक्स जोड़ दिये है। अगर टोल का पैसा सिस्टम में अटका , कट नहीं पाया या बकाया रह गया तो उसका हिसाब आपकी गाड़ी के सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होगा। नतीजा यह हैकि अगली बार जब आप नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) फिटनेस या परमिट लेने जायेंगे तो सिस्टम आपको रोक देगा। यानी कि हाईवे पर की गयी एक अनदेखी अब सीधे आपके वाहन के दस्तावेजों पर भारीप ड़ने वाले है।
दरअसल, देशभर के नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वालों के लिये सरकार ने टोल प्लाजा से जुड़े नियम और सख्त कर दिये है। अब अगर किसी वाहन पर टोल बकाया है तो उससे जुड़े कई अहम सरकारी काम रूक सकते है। मंगलवार को केन्द्र सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना टोल टैक्स चुकाये के वाहन मालिकों को एनओसी, फिटनेस सर्टीफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सुविधायें नहीं मिलेगी।
बैरियर लैस टोल की प्लानिंग
एमएलएफएफ सिस्टम के माध्यम से बिना टोल प्लाजा पर रूके टोल वसूली की जायेगी। इससे जाम कम होगा। यात्रा तेज होगी और टेक्नोलॉजी के माध्यम नियमों का पालन भी बेहतर तरीके से हो सकेगा। केन्द्र सरकार का मानना है कि नये नियम हाईवे पर यात्रा का अधिक सरल और ट्रांसपैरेंज बनायेंगे। इसलिये यदि आपके वाहन भी किसी तरह का टोल बकाया हो तुरंत इसकी जांच कर लें।
नये नियमों को मिली कानूनी मंजूरी
केन्द्र सरकार ने यह बदलाव सेंट्रल मोटर व्हीकल्स (सेकंड अमेंुडमेंट) रूल्स 2026 के तहत किये हैं। जो पुराने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 1989 में संशोधन करते हैं। इसका मकसद इलेक्ट्रॉनिक टोल कनेक्शन सिस्टम को मजबूत करना है। टोल चोरी रोकना और भविष्य मे बिना बैरियर वाले टोल सिस्टम को लागू करना है।
बदलाव हुआ फॉर्म 28 में
इन नियमों को लागू करने के लिये केन्द्र सरकार ने फॉर्म 28 में भी बदलाव किया गया है। अब वाहन मालिकों को यह घोषणा करनी होगी। उनके वाहन पर कोई अनपेड टोल तो नहीं हीै। जरूरी जानकारी भी देनी होगी। केन्द्र सरकार ने फॉर्म 28 के कुछ हिस्सों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जारी करने की सुविधा भी दी है ताकि प्रक्रिया और आसान हो सके। नये नियमों के अनुसार जब तक वाहन का सारा बकाया टोल क्लीयर नहीं होगा, तब तक न तो वाहन की ओनरशिप ट्रांसफर के लिये एनओसी मिलेगी और न ही एक राज्य से दूसरे राज्य में वाहन ले जाने की अनुमति दी जायेगी। इसके अलावा जिन वाहनों पर टोल बकाया है उनके फिटनेस सर्टीफिकेट को भी रेन्यूअल नहीं किया जायेगा।
फॉर्म 28 एक अहम दस्तावेजन है। जिसका उपयोग राज्य या जिले के बीच वाहन ट्रांसफर के लिये किया जाता है। यह फॉर्म इस बात की पुष्टि करता है कि वाहन पर कोई बकाया या कानूनी अड़चन नहीं है। केन्द्र सरकार का कहना है कि यह बदलाव भविष्य में मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी टोल सिस्टम लागू करने में भी मदद करेंगे।

