गाड़ी को हवा में उड़ाने वालों की खैर नहीं, ट्रैफिक इंटरसेप्टर गाड़ी करेगी चालानी कार्यवाही
ग्वालियर देश के अन्य राज्यों की पुलिस की तरह ग्वालियर यातायात पुलिस भी ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी। इसके लिये ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरएनडी) की सिफारिश के बाद पुलिस मुख्यालय की प्रबंध शाखा द्वारा 33 ट्रैफिक इंटरसेप्टर व्हीकल खरीदे गयेए इन ट्रैफिक इंटरसेप्टर व्हीकल को प्रदेश के 33 जिलों को सौंपा गया। प्रथम चरण में पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 33 जिलों को एक.एक व्हीकल प्रदाय किया गया है। ग्वालियर यातायात पुलिस को प्रदाय ट्रैफिक इंटरसेप्टर व्हीकल सड़क मार्ग से आज 7 अक्टूबर को ग्वालियर पहुंचा।
ग्वालियर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी द्वारा पुलिस को प्रदाय ट्रैफिक इंटरसेप्टर व्हीकल को ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु यातायात पुलिस को प्रदाय किया गया। पुलिस मुख्यालय से प्रदाय यह व्हीकल जीपीएस, साउंड मीटर, स्पीड राडार और टिंट मीटर से लैस है। इस व्हीकल के स्पीड राडार मेंलगे लेजर टेक्नोलॉजी के कैमरे से महज 0.3 सेकंड में 800 मी की दूरी पर से ओवर स्पीड में गुजरने वाले वाहन की स्पीड मापी जा सकेगी। इन कैमरों से 300 मीटर दूर स्थित वाहन की नंबर प्लेट को भी आसानी से पड़ा जा सकता है साथ ही इसके जरिये कम रोशनी व रात के समय भी वाहनों की नंबर प्लेट को सुगमता से पढ़ा जाकर उन पर कार्यवाही की जा सकता है। सड़क दुर्घटनाओं के मामले में मध्यप्रदेश का भारत दूसरा स्थान है जिसमें 54 प्रतिशत सडक दुर्घटना ओवर स्पीडिंग कारण होती है । सडक दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया जिसके अन्तर्गत प्रदेश 33 जिलों को ओव्हर स्पीडिंग की रोकथाम हेतु इंटरसेप्टर व्हीकल प्रदाय किए गए। इंटरसेप्टर व्हीकल द्वारा ध्वनि प्रदूषण की जांच भी की जा सकती है ।

