गदाईपुरा में सौरभ उर्फ मोनू जाटव हत्याकांड के आरोपी करन तोमर, अलुआ बिहारी व राजा सिकरवार को आजीवन कारावास
ग्वालियर फरियादी राजवीर सिंह जाटव निवासी राधा कॉलोनी गदाईपुरा ने रिपोर्ट की थी कि 5 अक्टूबर को शाम 7 बजे मेरा पुत्र सौरभ उर्फ मोनू उम्र 20वर्ष गदाईपुरा राठौर चौक में मोबाइल की दुकान पर बैठा था तभी आरोपी करन तोमर, मूला तोमर, राजा सिकरवार, आशु सिकरवार व अन्य 2 आरोपी दुकान पर आए और पुराने झगड़े को लेकर करन तोमर ने सौरभ को कट्टा से गोली सिर में व घुटने में मार दी जिसे अस्पताल में लेकर गये। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया ।
पुलिस ने धारा 302, 34 आईपीसी व एससी एसटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी करन तोमरए, मूला तोमर, राजा सिकरवार, आशु सिकरवार, अलुआ बिहारी उर्फ आशीष तिवारी, लोकू उर्फ लोकन्द्र तोमर व दीप सिंह तोमर को गिरफ्तार कर आरोपी करन तोमर से घटना मैं प्रयुक्त एक कट्टा 315 बोर व राउंड जप्त किया व चालान माननीय न्यायालय में पेश किया।
माननीय न्यायालय जाकिर हुसैन विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटीज ग्वालियर ने आरोपी करन तोमर पुत्र दीप सिंहतोमर उम्र 19 वर्ष निवासी कल्लू काछी की बगिया गदाईपुरा को धारा 302 आईपीसी में आजीवन कारावास व 10 हजार रूपये का जुर्माना (जुर्माना अदा नहीं करने पर 3 माह का सश्रम कारावास) धारा 25 (1.ख) में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रूपये जुर्माना (जुर्माना नहीं देने पर 3 माह का सश्रम कारावास) धारा 27आर्म्स एक्ट में 3 वर्ष का सश्रम कारावास (जुर्माना नहीं देने पर 3 माह का सश्रम कारावास) , आरोपीअलुआ बिहारी उर्फ आशु तिवारी पुत्र अमरनाथ तिवारी उम्र 21 वर्ष लोधीपुरा थाना बहेटा पटना हाल श्रुति एन्क्लेव सेवा नगर ग्वालियर को धारा 302, 34 आईपीसी में आजीवन कारावास व 10 हजार रूपये का जुर्माना (जुर्माना अदा नहीं करने पर 3 माह का सश्रम कारावास) आरोपी लोकू उर्फ लोकेंद्र तोमर पुत्र महाराजपुरा उम्र 19 वर्ष निवासी श्रीकृष्ण नगर गदाईपुरा ग्वालियर को धारा 302ए34 आईपीसी में आजीवन कारावास व ₹10000 का जुर्माना (जुर्माना अदा नहीं करने पर 3 माह का सश्रम कारावास) की सजा दी।
आरोपी मूला तोमर, राजा सिकरवार, आशु सिकरवार व दीपसिंह तोमर निवासीगण गदाईपुरा ग्वालियर को दोषमुक्त किया। आरोपी करन तोमर, लोकू उर्फ लोकेंद्र तोमर व अलुआ बिहारी उर्फ आशू तिवारी आदतन व शातिर अपराधी है इनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हैं। अलुआ बिहारी और आशुतोष तिवारी, पंकज सिकरवार हत्याकांड के फरियादी व साक्षीगणों को राजीनामा करने के लिए धमका रहा था। इस प्रकरण में अलुआ बिहारी फरार हो गया था। इस पर 5हजार का ईनाम भी घोषित था। जिसे पुलिस थाना हजीरा ने खेड़ागढ़ राजस्थान गिरफ्तार किया था व अलुआ बिहारी उर्फ आशू तिवारी को 2 अगस्त को रासूका में 03 माह के लिए ग्वालियर जेल भेजा था।

