अपोलो अस्पताल में डॉ. प्रवेश गुप्ता ने बिना किड़नी निकाले ही किड़नी कैंसर की जटिल सफल सर्जरी की
ग्वालियर. समय सीमा और ब्लड को रोक कर जटिल ऑपरेशन करना बेहद खतरनाक ऑपरेशन है किड़नी रोग के साथ -साथ हार्ट पेंशेट, लकवा ग्रस्त जैसी बीमारी से पीडि़त मरीज के इस असंभव ऑपरेशन कर संभव कर दिखाया है डॉ. प्रवेश गुप्ता ने उन्होंने आगे बताया कि जांच के उपरांत पाया कि मरीज के दांयी किड़नी में ट्यूमर है। जिसे डॉक्टरों से परामर्श करने पर किड़नी निकालने की सलाह दी। अंत में मरीज ने अपोलो हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट एवं किड़नी ट्रांसप्लाट सर्जन डॉक्टर प्रवेश गुप्ता से संपर्क किया तो डॉक्टर ने मरीज को बताया कि अत्याधुनिक तकनीक द्वारा ट्यूमर को निकाल कर किड़नी को बचाया जा सकता है। यह जानकारी आयोजित पत्रकारवार्ता में डॉ. प्रवेश गुप्ता ने दी इस मौके पर सीईओ गिरीश अरोरा आदि डॉक्टरर्स मौजूद रहें।
डॉ. प्रवेश गुप्ता ने मरीज से संबंधित सभी जांचों के पश्चात् बिना किड़नी निकाले ट्यूमर को निकल कर किड़नी को बचा लिया है। डॉक्टर ने बताया कि काफी जटिल सर्जरी थी लेकिन किड़नी को बचाने में कामयाबी मिली और अब पेशेंट पूरी तरह से स्वस्थ्य है। यह ऑपरेशन भारत आयुष्मान की निधि से किया गया जिसमें मरीज की पॉकेट एक भी पैसा नहीं लगा हैं।
लेपरोस्कोपिक तकनीक से निकाली किड़नी
महिला मरीज के पेट में लम्बे समय दर्द हो रहा था जिसको डॉक्टरों ने बताया कि आपकी किड़नी निकाली जायेगी, जब यह महिला मरीज यूरोलॉजिस्ट एवं किड़नी ट्रांसप्लाट सर्जन डॉक्टर प्रवेश गुप्ता से संपर्क किया तो डॉक्टर ने मरीज को बताया कि आपकी किड़नी तो निकला पड़ेगी मरीज के पास पैसे नहीं थे मरीज ने बताया कि मेरे पास आयुष्मान योजना का कार्ड है तो डॉक्टर प्रवेश गुप्ता ने लेपरोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन कर सिकुड़ी हुई किड़नी को निकाल दिया और दो दिन बाद महिला मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। इस तकनीक मरीज को दर्द भी कम और रिकवरी जल्द होती है।

