स्मार्ट सिटी मेटरनिटी हॉस्पिटल पर छापा, हॉस्पिटल में चल रहा था अवैध गर्भपात
ग्वालियर. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुढा-गुढी का नाका स्थित स्मार्टसिटी मेटरनिटी हॉस्पिटल पर छापामार कार्यवाही की है। सीएमएचओ (चीफमेडीकल एंड हेल्थ ऑफिसर) को मिली सूचना के बाद टीम यहां छापा कारने पहुंची थी। पुलिस को एक गर्भपात होने के सबूत भी मिले हैं।
छापामार दल जब हॉस्पिटल पहुंचा तो वहां महिला मिली है। लेकिन भ्रूण लेकर उसका पति गायब हो गया। टीम को आशंका है कि भू्रण को आसपास किसी नाला या नदी में फेंक दिया गया होगा। इस स्मार्टसिटी मेटरनिटी हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन पिछले वर्ष खत्म हो चुका है। बावजूद इसके अस्पताल में अवैध तरीके से गर्भपात कराया जा रहा था। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का अमला इस पूरे रैकेट की लिंक तलाश रहा है।
क्या है मामला
सामाजिक कार्यकर्ता मीना शर्मा ने बताया है कि अस्पताल में अवैध गर्भपात का काम चल रहा था। सूचना मिली थी कि इस अस्पताल में बुधवार सुबह गोल पहिया की रहने वाली एक महिला का अवैध ढंग से गर्भपात कराया जाएगा। जिसकी सूचना उन्होंने ग्वालियर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को दी। सूचना बाद CMHO सचिन श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक टीम अस्पताल पहुंची, लेकिन उससे पहले ही महिला का गर्भपात हो चुका था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के CCTV कैमरे देखे तो, उसमें महिला का पति भ्रूण को पन्नी में लेकर अस्पताल से बाहर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि महिला की पहले से ही दो बेटी थी इसलिए हो सकता है कि गर्भपात किया गया भ्रूण भी बेटी हो। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच के बाद अस्पताल को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की महिला के पति से भी फोन पर बात हुई है, जिस पर उसने कहा था कि उसने बच्चे के भ्रूण को नूराबाद नदी में विसर्जित कर दिया है। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि गर्भपात किया गया भ्रूण लड़का था या लड़की।
महिला का पति बोला- उसने नूराबाद पर नदी में कर दिया विसर्जन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि महिला के मोबाइल से उसके पति को फोन लगाकर बात की गई थी। उससे कहा था कि आप बच्चे के भ्रूण को लेकर आ जाए तो ज्यादा अच्छा रहेगा। जिससे उसका पोस्टमॉर्टम कराया जा सके। इस पर उसका कहना था कि उन्होंने नदी में भ्रूण का विसर्जन कर दिया है। अभी मौके पर जांच के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया है। साथ ही नोटिस दिया गया है।
महिला को था 17 सप्ताह का गर्भ
अस्पताल पर छापामार कार्रवाई करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम की सदस्य डॉक्टर बिंदु सिंघल ने बताया कि सूचना मिली थी कि स्मार्ट सिटी अस्पताल पर एक महिला का गर्भपात कराया जा रहा है। सूचना पर मैं स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंची थी। यहां पर एक महिला का गर्भपात हुआ था। जब जानकारी ली तो पता चला कि गर्भपात करने वाली महिला की पहले से ही दो बेटियां है।
अपार डायग्नोसिस से उसने अपना अल्ट्रासाउंड तीन-चार दिन पहले ही कराया था। जिसमें लगभग 16 से 17 सप्ताह का गर्भ बताया है। महिला अस्पताल में रात को आकर एडमिट हुई थी। वह डॉक्टर नेहा नागौरी के अंडर ट्रीटमेंट थी। महिला को ब्लीडिंग हो रही थी इसलिए डॉक्टर नेहा ने पहले कुछ दवाइयां ब्लीडिंग रोकने के लिए दी थी, लेकिन सुबह गर्भ बाहर निकल आया था।

