साफ दिखाई दे रहा स्वर्ण रेखा नदी, गुरूद्वारा पुल के आगे डाउन स्ट्रीम में सीवर का गंदा पानी बहना हुआ बन्द
ग्वालियर. स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के सर्वे से पहले स्वर्ण रेखा को साफ दिखाने की कारीगरी नगरनिगम के अधिकारियों ने शुरू कर दी है। 365 दिन सीवर के पानी से भरी रहने वाली स्वर्ण रेखा इन दिनों फूलबाग स्थित गुरूद्वारा पुल के पास से सूखी और साफ दिखाई देने लगी है। यहां से अप स्ट्रीम में 3 जगह सीवर के पानी को रोककर अण्डरग्राउण्ड सीवर लाइन में डाल दिया गया है। हालांकि अप स्ट्रीम में स्वर्ण रेखा में काला कीचड़ और कचरा जगह-जगह पड़ा दिखाई दे रहा है। दरअसल, नगरनिगम सीमा में टीम कभी भी सर्वे के लिये आ सकती है। निगम की रिपोर्ट कहती है कि शहर में 486 नाले है। इनमें से 233 साफ हो चुके हैं। 117 नालों की सफाई का काम चल रहा है।
जलालपुर में ऐसे पहुंचाया गन्दा पानी
गुरूद्वारा पुल के पास से डाली गयी अंडर ग्राउण्ड सीवर लाइन का साफ करने का दावा किया जा रहा है। अब यहां से हनुमान बांध से स्वर्ण रेखा में आ रहा है। पानी गुरूद्वारा पुल के पहले अंडर ग्राउण्ड सीवर लाइन में डालकर जलालपुर स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पर पहुंचाया जा रहा है।
2500 नंबर में मिलेगा सहयोग
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के सर्वे में वाटर प्लस और स्टार रेटिंग से नालों की सफाई व्यवस्था को जोड़ा गया है। इसमें वाटर प्लस के 1000 और स्टार रेटिंग के 1250 अंक हैं। इसमें नाले-नालियों को साफ होना चाहिए। उनमें ठोस अपशिष्ट कचरा न जाए। इसके लिए जालियां लगी होना चाहिए। इससे सीवर लाइन और नालों की चोकिंग नहीं होगी।

