DSP और उनकी WIFE ममता शर्मा की ब्लैकमेलिंग से तंग होकर यतेन्द्रसिंह ने की आत्महत्या, FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर मुरैना के सिविल लाईने में परिजनों का हंगामा
ग्वालियर. रविवार से 2 दिन पूर्व समाजसेविका ने हजीरा थाने में 25 वर्षीय शैंकी उर्फ यतेन्द्रसिंह के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज करवा था। रविवार की सुबह मुरैना में अवैध पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। यतेन्द्रसिंह ने सुसाइट नोट मंे समाजसेविका और पति के खिलाफ 20 लाख रूपये मांगने का आरोप लगाया है। यतेन्द्रसिंह के परिजन मुरैना के सिविल थाने में सुबह से समाजसेविका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं। हालात देखकर पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने का भरोसा दिया है अभी फिलहाल थाने पर हंगामा और बहस अभी चल रही है। युवक के पिता रामनरेश सिंह सिकरवार ट्रांसपोर्टर हैं तथा उन्होंने सिविल लाइन थाने में ग्वालियर स्थित समाजसेविका ममता शर्मा व उसके पति महेन्द्र शर्मा जो कि एक रिटायर्ड DSP हैं उन पर ब्लेकमेल करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों पति-पत्नी के खिलाफ धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला
मुरैना के टीआर पुरम में रहने वाले 24 वर्षीय यतेंद्रवसिंह पुत्र रामनरेश सिकरवार ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। रात में उन्होंने अपने ऑफिस में ही अवैध पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मौके पर मिले सुसाइड नोट में यतेंद्र सिंह ने लिखा है कि रिटायर डीएसपी महेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी ममता शर्मा उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। 20 लाख रुपये की मांग पूर्व डीएसपी और उनकी पत्नी कर रही थीए रुपये ना देने पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म के केस तक में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। बताया गया है कि 2 दिन पहले रिटायर्ड डीएसपी और उनकी पत्नी ममता शर्मा ने यतेंद्र सिंह के खिलाफ ग्वालियर के हजीरा थाने में मामला दर्ज करवाया था। रिटायर्ड डीएसपी की पत्नी ग्वालियर में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटर चलाती हैं।

थाने का घेराव FIR की मांग
यतेंद्र सिंह की मौत और सुसाइड नोट मिलने के बाद मृतक के स्वजन और परिचितों ने सुबह से ही सिविल लाइन थाने में हंगामा शुरू कर दिया। सैकड़ों लोगों की भीड़ थाने का घेराव कर रही है और रिटायर्ड डीएसपी और उसकी पत्नी पर केस दर्ज करने की मांग की जा रही है। हालात देखकर पुलिस अफसरों ने एफआइआर दर्ज करने का भरोसा दिया है। थाने पर हंगामा और बहस अभी भी चल रही है।

