रेप में फंसाने वाले सिंडिकेट (गैंग) का खुलासा किया तो दबंग घर पहुंचे धमकाने, टीआई लाइन हाजिर
ग्वालियर. ऑटोमोबाइल व्यापारी के खिलाफ रेप का झूठा मामला दर्ज कराने वाली सिंडिकेट बेनकाब होने के बाद भी बाज नहीं आ रही है। पीडि़त को धमकाया गया हे। इस पर शुक्रवार की रात को टीआई सुनील शर्मा को लाइन अटैच कर दिया गया है। गुरूवार की रात एफआईआर होने के बाद पीडि़त युवती के घर कुछ लोग पहुंचे हैं। परिवार समेत जान से माने की धमकी दी। कोर्ट में 164 के बयान नहीं देने की चेतावनी दी है। जिससे पीडि़त युवती और उसका परिवार दहशत में है। एफआईआर दर्ज हुए 24 घंटे से भी अधिक समय हो चुका है युवती के पास पुलिस का एक फोन तक नहीं आया है। विश्वविद्यालय थाना टीआई रामनरेश यादव ने बताया कि मामले की जांच महिला टीआई प्रीति भार्गव को दी गयी है।
क्या है पूरा मामला
ग्वालियर संभाग के गुना के ऑटो मोबाइल व्यापारी कुलदीप समाधिया के खिलाफ उनकी ही कंपनी की एक पूर्व 26 वर्षीय कर्मचारी को टीआई सुनील शर्मा, डॉ बीके सूरी, डॉ. गौरव भटनागर, डॉ गौरव गुप्ता, गुरूदयाल कुकरेजा और एक अन्य महिला ने रेप का झूठा मामला दर्ज कराने के लिये धमकाया गया था। ऐसा नहीं करने पर कपड़े बदलते वक्त का वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी थी और इस मामल मेंझूठा मामला दर्ज कराकर व्यापारी को ब्लैकमेल करने का षडयंत्र रचने वाली सिंडिकेट बेनकाब हो गयी। क्योंकि युवती ने उल्टा इनके खिलाफ ही शिकायत कर दी। इस पर विश्वविद्यालय थाना में टीआई समेत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी।
हर एक आरोपी बाहुबली है
इस मामलेमें युवती का दहशत में आना लाजमी है, क्योंकि जितने भी आरोपी है सभी बाहुबली है। टीआई सुनील शर्मा अपने आप में दबंग पुलिस अधिकारी है। बीजेपी की एक पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी बताये जा रहे हैं। अभी सुनील टीकमगढ़ के कोतवाली थाना में पदस्थ है। कुछ माह पूर्व टीकमगढ़ में एक सोनी परिवार के 5 लोगों ने आत्महत्या की थी। उस मामले में सुनील का ट्रांसफर गुना हो गया था पर कुछ दिन बाद ही वह अपनी पहुंच से वापिस टीकमगढ़ आ गये। इस मामलें में टीआई सुनील शर्मा को शुक्रवार की शाम टीकमगढ़ एसपी ने लाइन अटैच कर दिया है।
मेरी जान को खतरा है-पीडि़ता
पीडि़त युवती ने बताया कि उसकी जान को खतरा है जब से आरोपियों की बात न मानकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है वह मेरी जान के पीछे पड़े हुए हे। गुरूवार की रात को आरोपियों में से एक गुरूदयाल कुकरेजा कुछ लोगोंको लेकर मेरे घर पहुंचा है। उसने धमकाया है कि कोर्ट में 164 के तहत होने वाले बयान नहीं देना। यदि बयान देन ेगयी तो वापिस नहीं लौटेगी। युवती ने यह भी बताया कि मामला दर्ज कराने के बाद से 24 घंटे से ज्यादा समय हो गया है लेकिन ग्वालियर पुलिस से एक कॉल तक नहीं आया है चाहे इस बीच कोई मेरी हत्या भी कर दें।

