मंच से नीचे बैठे थे कैलाश विजयवर्गीय, मंच से नीचे उतरे सिंधिया और विजयवर्गीय को ऊपर मंच पर लाये, तालियों से गूंजा हॉल
इन्दौर. केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर मध्यप्रदेश की सियासत में नये समीकरण बनने के सं केत दिये हैं। मध्यप्रदेश क्रिक्रेट एसोसियेशन () के कार्यक्रम में एक बार फिर से उनकी और भाजपा राष्ट्रीय के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की गुड केमिस्ट्री दिखाई दी। कैलाश विजयवर्गीय मंच से नीचे बैठे हुए थे। यह देखकर ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच से नीचे उतरे और कैलाश विजयवर्गीय का हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर लाये और साथ बैठाया विजयवर्गीय को मंच तक ले जाने और बैठाने के दौरान पूरा हॉल तालियों से गूंजता रहा।
12 दिन पूर्व ही सिंधिया, बेटे महाआर्यमन के साथ इंदौर में विजयवर्गीय के घर आये थे। कभी धुर विरोधी रहे सिंधिया ने कैलाश विजयवर्गीय के घर पर हुई पत्रकारवार्ता में यह कहते हुए सबको चौंकाया था कि पार्टी आगे जो जिम्मेदारी देगी, विजयवर्गीय के मार्गदर्शन में नये जोश से काम करूंगा। दरअसल, शनिवार को एमपीसीए का एनुअल अवॉर्ड फंक्शन शहर के होटल में हुआ। इसमें क्रिकेटर अनिल कुंबले भी शामिल हुए। आयोजन में 4.5 करोडछ़ रूपये की इनामी राशि बांटी गयी। इस बार की रणजी विेजेता मध्यप्रदेश की टीम को 2 करोड़ रूपये दिये गये।
कभी एक दूसरे के धुर विरोधी रहे
एक समय सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय धुर विरोधी हुआ करते थे। पुरानी अदावत उस समय शुरू हुई थी, जब 2010 में एमपीसीए के चुनाव में दोनों 2 बार आमने-सामने थे। उस वक्त इस चुनाव ने एक तरह से राजनीतिक रंग ले लिया था। खासकर विजयवर्गीय गुट ने इसमें दोनों बार सिंधिया ने विजयवर्गीय को शिकस्त दी थी।
विजयवर्गीय के घर खाया था खाना
2020 में सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद दोनों की बीच की दूरियां खत्म हो गईं। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद सिंधिया जब इंदौर आए थे, तो उन्होंने विजयवर्गीय के घर खाना खाया था। इस दौरान वे काफी देर तक रुके थे। इसके भी कई राजनीतिक मायने निकाले गए थे।

