भोपाल के हीरा व्यापारी के बेटे का अपहरण, शिवपुरी में छोड़ कर भागे
भोपाल. मप्र की राजधानी भोपाल की सिल्वर हाइट्स कॉलोनी कोहेफिजा में रिवासी मशहूर हीरा व्यापारी सैय्यद हनीफ के बेटा हुजैफा को उनके परिचितों ने अपहरण कर लिया था। उन्हें हुजैफा से 16 लाख रूपये वापिस लेने थे। शनिवार की रात 11 बजे एक कार से आये 4 आरोपियों ने परिवार के सामने पीटते हुए उन्हें कार में बिठाया और लेकर शिवपुरी पहुंच गये।
हनीफ ने पहले तो आरोपियों के परिवार के बेटे को छोड़ने की गुजारिश की ज बवह नहीं माने तो कोहेफिजा पुलिस की मदद ली। पुलिस ने आरोपियों के बाद ठिकानों पर दविश देनी शुरू की। पुलिस की दविश से घबराकर आरोपियों ने रविवार की सुबह तड़के 4 बजे हुजैफा को छोड़ दिया। हुजैफा शिवपुरी के सुरवाया थाने पहुंचे और पुलिस को पूरा मामला बताया।
कैसे और क्यों हुई वारदात, हुजैफा की जुबानी
मैंने शिवपुरी के अपने दोस्त आसिफ खान के ससुर से दो साल पहले 20 लाख रुपए उधार लिए थे। लॉकडाउन में कारोबार प्रभावित होने के कारण अभी चार लाख ही चुका पाया हूं। एक-दो दिन में एक लाख और देने वाला था। शनिवार रात 11 बजे मैं सिल्वर हाइट्स कॉलोनी स्थित अपने घर पर था, तभी डोर बेल बजी। मेरे बेटे इब्राहिम ने दरवाजा खोला। सामने आसिफ खड़ा था। मैंने कहा अंदर आ जाओ तो जवाब मिला नहीं कार में बैठकर बात करेंगे।
मैं बाहर आया तो उसका भाई शाहरुख, दोस्त शालू और आसिम भी थे। शालू ने मेरे परिवार के सामने ही मुझे चांटा मारा और धक्का देकर कार में बिठा दिया। इससे पहले उन्होंने मेरा फोन और कार की चाबी छीन ली। रास्ते में मेरे पापा सैय्यद हनीफ से फोन पर मेरी बात करवाई। उस वक्त वह हैदराबाद में थे। मैंने उन्हें कहा कि पापा इन लोगों ने मुझे अगवा कर लिया है। फिर फोन छीनकर स्विच ऑफ कर दिया। सुबह मुझे लेकर शिवपुरी पहुंच गए।रास्ते भर धमकाते रहे। कहते थे तुझे घर आकर गोली मार देंगे, गाड़ी से हिट कर तेरा वीडियो बनाएंगे। इस बीच मेरे पापा ने बात की तो भोपाल पुलिस भी एक्टिव हो गई। पुलिस की दबिश शुरू होते देख उन्होंने मुझे तड़के करीब चार बजे छोड़ दिया। मैं शिवपुरी के सुरवाया थाने पहुंचा और थाना प्रभारी दीप्ति तोमर को पूरा घटनाक्रम बताया।
यहां से मैंने कोहेफिजा थाना प्रभारी अनिल वाजपेयी को कॉल कर कहा कि मैं भोपाल आ रहा हूं। उन्होंने अकेले आने के लिए मना करते हुए कहा कि मैं अपना स्टाफ शिवपुरी भेज रहा हूं। डीआईजी इरशाद वली ने एसपी शिवपुरी राजेश चंदेल से बात की और मेरी हिफाजत के बारे में पूछा। एसपी ने मुझे कोतवाली थाने में रुकवाया और खाना भी खिलाया।

