पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह कांग्रेस से निष्कासित
भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कांग्रेस अनुशासन समिति के सदस्य तारिक अनवर ने लक्ष्मण सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने की शिकायतों के चलते 6 वर्षो के लिये निष्कासित किया है।
राहुल और वाड्रा के खिलाफ लक्ष्मण सिंह ने दिया था बयान
लक्ष्मण सिंह ने 24 अप्रैल को कांग्रेस पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, रॉवर्ट बाड्रा और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जम्मू- कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला आतंकवादियों से मिले हुए हैं। लक्ष्मण सिंह ने राहुल गांधी को भी सोच समझकर बात करने की नसीहत देते हुए कहा था कि पार्टी को मुझे निकालना होतो आज निकाल दें। हमारी पार्टी के नेता सोच समझकर बोले नही ंतो उन्हें चुनाव में परिणाम भुगतना पड़ेंगे।
राहुल और रॉबर्ट वाड्रा का बचपना कब तक झेलेंगे
लक्ष्मण सिंह ने राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था- ‘ये हमारा रॉबर्ट वाड्रा, जीजा जी राहुल गांधी का, कहता है कि मुसलमानों को सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देते इसलिए आतंकवादियों ने हमला किया। इन दोनों का ये बचपना हम कब तक झेलेंगे। राहुल गांधी भी थोड़ा सोच समझकर बात करें। इनकी नादानियों की वजह से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।’
नेतृत्व के प्रति असम्मान जनक व्यवहार स्वीकार्य नहीं
कांग्रेस ने लक्ष्मण सिंह को दिए नोटिस से यह स्पष्ट संदेश दिया गया था कि पार्टी की छवि और नेतृत्व के प्रति असम्मान जनक व्यवहार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा। यह स्पष्ट है कि कोई भी नेता, चाहे वह किसी भी पद पर हो, उसे अभद्र या अनुशासनहीन टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। विशेष रूप से सोशल मीडिया जैसे सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की प्रतिक्रियाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और आम कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं।

