पूरे देश में -वन नेशन-वन नम्बर की तैयारी, राज्य बदलने पर भी मोटरसाईकिल-कार दोबारा रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं
नई दिल्ली. अगर आप नौकरी के कारण से हर 2-4 वर्ष में एक जगह से दूसरी जगह आते -जाते रहते हैं, तो आपके लिये खुशखबरी है। अब आपको किसी भी राज्य में जाने पर अपनी गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। सरकार नई व्हीकल रजिस्ट्रेशन पॉलिसी लांच करने जा रही है। जिसमें आपके वाहन को नई सीरीज का नम्बर मिलेगा। यहीं नम्बर पूरे भारत में काम करेगा। यानी कि आप अपने वाहन को दूसरे राज्य में ले जायेंगे तो आपको वाहन का द ोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ेगा। यह योजना 15 सितम्बर से पूरे देश में शुरू होगी। मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एण्ड हाईवेज ने 26 अगस्त को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है।
वर्तमान में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है
मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 47 के अनुसार आप किसी भी राज्य में एक वर्ष तक दूसरे राज्य के वाहन को चला सकते हैं। एक वर्ष के भीतर आपको नये राज्य में अपने वाहन को रजिस्टर्ड कराना होगा।
इसके लिये पुराने आरटीओ से एनओसी लाना आवश्यक है। हर राज्य में यह प्रोसेस अलग-’अलग है और डॉक्युमेंट भी अलग-अलग लगते हैं। इस कारण से लोग दूसरे राज्य में अपने वाहन का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने से कतराते हैं।
नई व्यवस्था क्या होगी और इससे किसे फायदा मिलेगा?
अभी आपके वाहन नंबर से पता चल जाता है कि वह किस राज्य में रजिस्टर्ड है। वाहन मध्यप्रदेश में रजिस्टर्ड है तो रजिस्ट्रेशन नंबर MP से, उत्तरप्रदेश के लिए UP से और राजस्थान के लिए RJ से शुरू होता है। यानी जिस राज्य में आपकी गाड़ी रजिस्टर्ड है, उसका अंग्रेजी में संक्षिप्त नाम नंबर प्लेट पर लिखा होता है।अब सरकार ने राज्यों के नाम के बजाय पूरे भारत के लिए BH सीरीज प्रस्तावित की है। इससे पूरे देश में BH सीरीज के नंबर मिल सकेंगे। यानी किसी राज्य के बजाय नंबर प्लेट पर BH से नंबर की शुरुआत होगी।
इस योजना का लाभ उन लोगों को होगा, जो केंद्र सरकार की नौकरी में हैं, सेना में हैं या प्राइवेटी नौकरी करते हैं और उनका ट्रांसफर होता रहता है। प्रस्तावित प्रक्रिया से न केवल समय बचेगा, बल्कि उन्हें हर बार राज्य बदलने पर सामने आने वाली परेशानियों से भी मुक्ति मिल जाएगी।

