पाकिस्तानी महिला ने ISRO अफसर बनकर फंसाया, गगनयान से जुड़े सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक
नई दिल्ली. 14 मार्च को रविंद्र ने पत्नी आरती और दोनों बच्चों के साथ होली खेली फिर काम में बिजी हो गए। देर शाम कुछ लोग घर आए। परिवार को लगा कि होली पर मिलने आए है लेकिन ऐसा नहीं था। उन्होंने रविंद्र का फोन मांगा। परिवार समझ गया कि कुछ गडबड है। घर आए लोगों ने रविंद्र का मोबाइल चेक किया। रविंद्र से कुछ देर पूछताछ की फिर साथ चलने को कहा।
आरती ने पूछा कि इन्हें कहां ले जा रहे है, जवाब मिला फोन चेक करना है इसलिए साथ ले जा रहे है। कुछ देर में वापस भेज देंगे। आरती रात भर इंतजार करती रहीं लेकिन रविंद्र नहीं लौटा। अगले दिन सुबह पता चला कि वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी कर रहे थे। उसे घर से ले गए और यूपी-एटीएस के अफसर थे। आगरा के रहने वाला रविंद्र कुमार फिरोजाबाद में सेना का सामान बनाने वाली ऑर्डनेंस फैक्ट्री में चार्जमैन है। अभी एटीएस की कस्टडी में है। रविंद्र के फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच से पता चला कि उसे पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे हनीट्रैप नेटवर्क ने शिकार बनाया है। रविंद्र ने नेहा शर्मा नाम की आईएसआई एजेंट से पैसे लेकर फिरोजाबाद ऑर्डनेंस फैक्ट्री की डीपीआर, ड्रोन से जुडी सीक्रेट इन्फॉर्मेशन और गगनयान प्रोजेक्ट से जुडे कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट भेजे थे।
ATS ने रविंद्र पर BNS की धारा 148 (देश के खिलाफ साजिश रचने) और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3, 4 और 5 में मामला दर्ज किया है। सवाल ये है कि आखिर रविंद्र पाकिस्तानी हैंडलर्स के कॉन्टैक्ट में कैसे आया। क्या ISI के निशाने पर उसके जैसे और भी लोग हैं। पाकिस्तान का हनीट्रैप नेटवर्क कैसे काम कर रहा है।

