Uncategorized

पदोन्नति में आरक्षण के प्रकरण में जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

जबलपुर. मध्यप्रदेश सरकार के लोक सेवा पदोन्नति नियमों में खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होना है। इस बीच राज्य सरकार कोर्ट में जवाब पेश करेगा। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान सरकार अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख पायी थी। जबासव पेश करने के लिये न्यायालय से समय मांगा था। दिल्ली से सीनियर एडवोकेट के माध्यम से सरकार अपना पक्ष रख सकती है। ऐसी कवायद भी चल रही है।
इससे पहले न्यायालय ने 7 जुलाई को न्यायालय ने मुख्य सचिव समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। आदेश दिया था कि इस मामले में स्थिति स्पष्ट होने तक कोई भी पदोन्नति नहीं दी जा सकेगी।
इसके चलते 31 जुलाई तक पदोन्नति दिये जाने के राज्य सरकार के तमाम प्रयास असफल रहें। न्यायालय में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ सवे महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने न्यायालय को आश्वासन दिया था कि अगली सुनवाई तक किसी को नयी नीति के तहत पदोन्नति नहीं दी जायेगी। मामले में भोपाल निवासी डॉ. स्वाति तिवारी समेत अन्य याचिकाकर्त्ताओं ने दलील दी है कि हाईकोर्ट पहले ही वर्ष 2022 के प्रमोशन के नियमों को आरबी राय केस में रद्द कर चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने नये सिरे से वही नीति लागू कर दी। जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और वहां यथास्थिति बनाये रखने के आदेश जारी किये है।
17 जून को कैबिनेट ने दी थी मंजूरी
नए पदोन्नति नियमों को मोहन यादव कैबिनेट ने 17 जून को मंजूरी दी थी और इसके बाद सरकार ने 19 जून 2025 को नए नियम बनाकर अधिसूचना जारी कर उसे लागू कर दिया है लेकिन न तो सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका वापस ली और न ही पुराने नियम से पदोन्नत हुए कर्मचारियों को पदावनत किया। इसी कारण जब इन नियमों के विरोध में हाई कोर्ट याचिका दायर की गई तो कोर्ट ने नए और पुराने नियम के अंतर को स्पष्ट करने के साथ इस बात पर सरकार से जवाब मांग लिया कि सरकार की ओर से दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस क्यों नहीं ली गई। जब नियम तैयार हो रहे थे, तब भी यह विषय उठा था लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब इस मामले में सरकार द्वारा दिए जाने वाले जवाब से तय होगा कि पदोन्नति का रास्ता खुलेगा या पदोन्नति अटकी रहेगी। बताया जाता है कि सरकार कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार को पूर्व अतिरिक्त सालिसिटर जनरल सीएस वैद्यनाथन को बुला सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *