जीवाजी विश्वविद्यालय -पद्मश्री डॉ. केके मोहम्मद के मुख्यआतिथ्य में तीन दिवसीय अधिवेशन होगा
ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा मध्यप्रदेश इतिहास परिषद के 40 वें अधिवेशन का आयोजन आगामी 24-26 फरवरी को आयोजित किया जा रहा है। अधिवश्ेान का उद्घाटन समारोह 24 फरवरी की सुबह 11 बजे गालव सभागार में सम्पन्न होगा।
अधिवश्ेान के उद्घाटन समारोह में नई दिल्ली भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. केके मोहम्मद मुख्य वक्ता के रूप अपना व्याख्यान देगें, जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेगें एवं अपना अध्यक्षीय व्याख्यान देगें। नई दिल्ली भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अतिरिक्त महानिदेशक प्रो. आलोक त्रिपाठी के रूप में अपना व्याख्यान देगें, प्रो. आलोक श्रोत्रिय (संकाय अध्यक्ष, सामाजिक विज्ञान संकाय, विभागाध्यक्ष पा्रचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, इंिदरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक) एवं प्रो. डी.एन. गोस्वामी (कुलाधिसचिव जीवाजी विश्वविद्यालय), एवं जीवाजी विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. आर.के. बघेल विशेष अतिथि के रूप में अपना व्याख्यान देगें।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश इतिहास परिषद के अध्यक्ष प्रो. बीके श्रीवास्तव डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग एवं मध्यप्रदेश इतिहास परिषद के सचिव प्रो. नवीन गिडियन भी इस अवसर पर उपस्थित रहेगें।
अधिवश्ेान के समापन समारोह मे मुख्य अतिथि के रुप में डॉ. चेतराम गर्ग (निर्देशक, ठाकुर रामसिहं इतिहास शोध संस्थान नेरी, हमीरपरू, हिमाचल प्रदेश) एवं प्रो. डी.एन. गोस्वामी, कुलाधिसचिव, जीवाजी विश्वविद्यालय,ग्वालियर समापन सत्र की अध्यक्षता करेगें। प्रो. एस.के. चहल (सकंाय अध्यक्ष, समाजिक विज्ञान संकाय, विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यलय, कुरुक्षेत्र, हरियाणा) व डॉ. आर.के. बघेल (कुलसचिव जीवाजी विश्वविद्यालय) सत्र में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थिति रहेगें।
अधिवेशन में सम्पूर्ण भारत के विभिन्न राज्यों मध्यप्रदश्ेा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी, इलाहबाद विश्वविद्यालय, इलाहबाद आदि स्थानों से ख्यातिलब्ध विद्वान व शोधार्थी सहित लगभग 200 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहें हैं। जिसमें प्रमुख अतिथियों के व्याख्यान के पश्चात तकनीकी सत्र प्राचीन भारतीय इतिहास, सस्ंकृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला के सगं्रहालय में आयोजित किये जायेगें। यहॉ उल्लेखनीय है कि इसी 26 फरवरी को प्रतिभागियों को ग्वालियर के आस-पास के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।

