चीन ने उत्तराखंड से सटे इलाकों में अपनी गतिविधियां तेज की, भारत ने लद्दाख में 15 हजार से अधिक जवान तैनात किए
नई दिल्ली. भारत-चीन के बीच लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बीते कई महीनों से तनाव चल रहा है इस बीच तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है लेकिन चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन ने अब उत्तराखंड से सटे इलाकों में अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहली बार तिब्बत का दौरा किया और अरूणाचल प्रदेश से सटे इलाकों का जायजा लिया। ऐसे में भारत-चीन के बीच तनाव अधिक बढ़ने की संभावना है।
इस बीच भारत ने पूर्वी लद्दाख में किसी भी तरह के चीनी आक्रमण से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। भारतीय सेना ने आतंकवाद विरोधी अभियान वाली अपनी यूनिट्स को जम्मू कश्मीर से पूर्वी लद्दाख सेक्टर में तैनात किया है। जानकारी के अनुसार आतंकवाद-रोधी विभाग को जम्मू कश्मीर के उत्तरी कमान क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में चल रहे ऑपरेशन से हटा दिय गया था और कई महीने पहले लद्दाख सेक्टर में तैनात किया गया था। अब चीन द्वारा लद्दाख क्षेत्र में आक्रामकता दिखाने के किसी भी संभावित कोशिश से निपटने के लिए पिछले कुछ समय से 15000 सैनिकों को तैनात किया गया है। सैनिकों की यह ईकाई चीनी सैनिक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा भविष्य में किसी भी कदम का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए लेह स्थित 14 कोर मुख्यालय की सहायता करेंगे।
पूर्वी लद्दाख में भारत ने बढ़ाई सैनिकों की तैनाती
बता दें कि चीन की नापाक गतिविधियों के मद्देनजर भारत ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में लगभग 15000 सैनिकों को तैनात किया है। चीन की आक्रामकता को देखते हुए लेह में 14 कोर्प्स के पास अब दो डिवीजन तैनात है जो कारू स्थित 3 डिवीजन सहित एलएसी की निगरानी करते हैं। इसके अलावा उन क्षेत्रों में भी भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती की गई है जहां पिछले साल और बीते कुछ महीनों में तनाव देखते को मिला है।

