ग्वालियर मेले में नहीं पहुंचे कमलनाथ, दिग्गी ने किया फोन मेले में नहीं आए
ग्वालियर. मध्यप्रदेश में मिशन 2023 पूरा करने के लिए कांग्रेस भले ही एकजुटता दिखाने की कोशिश करे, लेकिन गुटबाजी खुलकर नजर आ रही है। एकता दिखाने के लिए पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह एक ही विमान से ग्वालियर पहुंचे तो गुटबाजी ने मूड ऑफ कर दिया। अपने खास समर्थक के खादी मेला स्थित कार्यक्रम में दिग्विजय तो पहुंच गए लेकिन तय होने के बाद भी कमलनाथ नहीं आए। यह देखकर दिग्गी ने वहीं से कॉल किया और बोले- क्यों मेले में नहीं आए। कमलनाथ से जवाब मिला, अरे वो कार्यक्रम तो रद्द है न। यह सुनते ही दिग्गी नाराज हो गए और कॉल कट कर दिया। अकेले ही मेले का शुभारंभ कर दिया। कमलनाथ भी नाराजगी समझ गए और तत्काल मेले पहुंचे। पर तब तक दिग्विजय सिंह वहां से निकल गए थे। इस दौरान दोनों नेताओं में तकरार साफ नजर आई। साथ ही गुटबाजी बड़े मंच पर खुलकर सामने आई है।
खादी मेले में पहुंचना पहले से तय था, फिर क्यों हुई तकरार
रविवार 5 फरवरी को कमलनाथ और दिग्विजय सिंह एक साथ विमान से ग्वालियर आए थे और पहले एक साथ मुरैना गए और फिर ग्वालियर वापस हुए। एयरपोर्ट से भी दोनों साथ-साथ रवाना हुए। कई कार्यक्रम में एक साथ पहुंचे और समन्वय नजर आ रहा था। संत कृपाल आश्रम में पहुंचने के बाद वहां से दोनों अलग-अलग वाहनों में सवार हो गए। संत कृपाल सिंह के आश्रम से लौटकर दोनों को फूलबाग मैदान में चल रहे खादी ग्राम उद्योग मेले में पहुंचना था। इस संस्था पर दिग्विजय सिंह के समर्थक वासुदेव शर्मा काबिज हैं। दिग्विजय सिंह उन्हें जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनवाना चाहते थे, पर डॉ. देवेंद्र शर्मा वापस अध्यक्ष घोषित हो गए। यहां दिग्विजय और कमलनाथ दोनों के आने का कार्यक्रम पहले से तय था। इसलिए तय कार्यक्रम से पहले ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविन्द सिंह, वरिष्ठ नेता अरुण यादव, पूर्व सांसद रामसेवक सिंह बाबूजी, पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव सहित कई दिग्विजय समर्थक पहले ही पहुंच गए थे।
दिग्गी ने लगाया फोन, कमलनाथ ने दिया दो टूक जवाब
जब दिग्गी मेले में पहुंचे तो बोले, अरे कमलनाथ नहीं आए। जब पता लगा कि वह नहीं आए हैं, तो इस पर दिग्विजय सिंह के चेहरे के भाव बदल गए और उन्होंने अपनी जेब से मोबाइल निकालकर सीधे कमलनाथ को कॉल किया। उन्होंने पूछा कि खादी वाले कार्यक्रम में नहीं आए? कमलनाथ ने कहा कि हमें तो बताया गया कि यह कार्यक्रम तो रद्द हो गया है। इस पर दिग्गी ने तल्ख लहजे में पूछा- किसने कहा? इसके बाद पूरा उत्तर सुने बगैर ही उन्होंने कॉल काट दिया और बोले- चलो गांधीजी के चित्र पर माल्यार्पण कर शुरू करते हैं। पुष्पांजलि के बाद वे मेले में घूमे भी और फिर चले गए।
कमलनाथ ने लगाई फटकार, मेला पहुंचे तो दिग्गी निकल गए थे
ऐसा पता लगा है कि दिग्गी के इस तरह कॉल कट करने से कमलनाथ को पूरा माजरा समझ आ गया। उनका माथा ठनका कि कुछ गड़बड़ है। इस समय कमलनाथ के साथ जिलाध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा व दोनों विधायक थे। कमलनाथ ने उन्हें फटकारा और तत्काल खादी मेले के लिए निकले। कमलनाथ वहां पहुंचे तो पता लगा दिग्विजय निकल चुके हैं। कमलनाथ ने वहां गांधीजी के चित्र पर माल्यार्पण कर भ्रमण भी किया। वे यहां दुकानदारों से भी मिले। इसके बाद संत रविदास जयंती समारोह में पहुंचे। हालांकि, बाद में दोनों सभी कार्यक्रमों में एकसाथ शिरकत की और फिर एक ही विमान से दिल्ली रवाना हुए।

