ग्वालियर में कमिश्नर, प्रभारी आईजी राजेश हिंगनकर, कलेक्टर व एसपी ने लगवाई प्रिकॉशन डोज
ग्वालियर. कोविड की तीसरी लहर में कम समय में तेजी से संक्रमण फैलने और वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी संक्रमण होने के बाद प्रिकॉशन डोज (बूस्टर डोज) को अपनाया गया है। ऐसे लोग जिनको वैक्सीन लगवाए 39 सप्ताह या लगभग 9 महीने से ज्यादा समय गुजर चुका है उनके लिए यह वैक्सीन जरुरी है। जिससे तीसरी लहर के साथ ही आगे उनको सुरक्षित किया जा सके। सोमवार से प्रिकॉशन डोज लगाने की शुरूआत हो चुकी है। इसमें सभी हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइनर्स व 60 साल से अधिक के उम्र के बुजुर्ग शामिल हैं। सोमवार को पहले दिन जब प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट जेएएच का निरीक्षण कर रहे थे तो उन्होंने अपने सामने ही कमिश्नर आशीष सक्सेना, प्रभारी आईजी राजेश हिंगनकर, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह व एसपी अमित सांघी को अपने सामने ही प्रिकॉशन डोज लगवाया है। इसके बाद प्रभारी मंत्री सिलावट ने कहा है कि जो भी बूस्टर डोज के लिए पात्र हैं वह इसे जरूर लगवा लें। तीसरी लहर में बचाव के लिए यह जरूरी है। सोमवार को काफी लोग बूस्टर डोज लगवाने और उसकी जानकारी लेने वैक्सीनेशन सेंटर तक पहुंचे हैं।
ग्वालियर 224 सेंटर पर लग रहा बूस्टर डोज
कोरोना की तीसरी लहर पर काबू पाने के लिए बूस्टर डोज लगाई जा रही है। इसके लिए ग्वालियर में 224 वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए हैं। जहां हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइनर्स व ऐसे बुजुर्गों जिनको वैक्सीन लगवाए 39 सप्ताह का समय गुजर चुका है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो 22978 लोग अभी प्रिकॉशन डोज के लिए पात्र हैं। सभी को मैसेज भेज दिया गया है।
रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं
प्रिकॉशन डोज के लिए पहले और दूसरे डोज की तरह इस बार कोविन ऐप पर नए रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। हां,ऑनस्पॉट स्लॉट लेकर दोनों वैक्सीन की अवधि का प्रमाण पत्र दिखाकर आसानी से प्रिकॉशन डोज लगवाया जा सकता है। सोमवार को फ्रंटलाइनर्स, हेल्थ वर्कर व बुजुर्गो ने काफी संख्या में बूस्टर डोज लगवाया है।

