ग्वालियर में 10 दिन देर से पहुंच रहे बिल, बीच-बीच में उपभोक्ताओं को छोड़ा
ग्वालियर. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने दस दिन देर से शहर में मीटर रीडिंग शुरू की है। फीडरों पर रीडर बदल दिए गए हैं, जिससे अधूरी रीडिंग हो रही है। उपभोक्ताओं के मीटर बिना रीडिंग के रह रहे हैं। उससे उपभोक्ता परेशान हैं। बिल को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। फोन करके रीडरों को बुलाना पड़ रहा है। इस बार 35 से 40 दिन का बिल उपभोक्ताओं को मिला है।
बिजली कंपनी ने समाधान योजना के तहत बिल माफ करने के लिए रीडिंग कार्य रोक दिया था। इस वजह से पांच से दस दिन रीडिंग लेट हो गई, जब रीडिंग शुरू हुई तो उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिल मिल रहे हैं। इसे लेकर उपभोक्ता शिकायत भी करने लगे हैं। 30 दिन के बिल की मांग कर रहे हैं। 30 अप्रैल तक शहर में रीडिंग कार्य खत्म हो सकेगा। उपभोक्ताओं को 17 दिन बिल भरने के लिए मिलेंगे। इस वजह से राजस्व प्रभावित हो गया।
देर से रीडिंग का यह पड़ा प्रभाव
उपभोक्ताओं की देर से रीडिंग होने पर टैरिफ की चपत लग रही हैं। 5 से 10 दिन की अतिरिक्त खपत का बिल मिला है।
मीटर रीडिंर बदलने से बिलिंग भी गलत होने लगी है। बीच-बीच में उपभोक्ताओं को छोड़ रहे हैं। यदि रीडिंग नहीं कराते हैं तो उन्हें दो महीने का बिल मिलेगा। दो महीने की इकट्ठी रीडिंग होने पर बिजली महंगी पड़ेगी।
बिल जमा करने के लिए भी समय कम मिल रहा है। क्योंकि रीडिंग के समय बढ़े हैं, उससे बिल भरने का समय घटा है।
बिजली कंपनी के राजस्व में भी कमी अाएगी। क्योंकि लोगों को देर बिल मिले हैं। महीना खत्म होने में भी ज्यादा दिन नहीं बचे हैं।

