ग्वालियर में 1.42 लाख टीनएजर्स, इन्हें स्कूल में ही लगेगा टीका
ग्वालियर. कोेरोना के लगातार केस बढ़ने और ओमिक्रॉन वैरिएंट ने कोविड की तीसरी संभावित लहर की आशंका बढ़ा दी है। कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि जनवरी-फरवरी 2022 तक तीसरी संभावित लहर आ सकती है। यह तीसरी संभावित लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। यही कारण है कि जनवरी में बच्चों के लिए वैक्सीनेशन शुरू किया जा रहा है। पहले फेस में 3 जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाई जानी है। ग्वालियर में इस एज ग्रुप के 1.42 लाख बच्चे हैं। बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए 616 स्कूलों में सेंटर बनाए जाएंगे। वैक्सीन के लिए COWIN एप पर शनिवार (1 जनवरी) ONLINE रजिस्ट्रेशन शुरू होने जा रहे हैं। साथ ही स्कूलों में स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी होंगे पर कैसे रजिस्ट्रेशन होंगे और क्या-क्या करना होगा यह आगे हम आपको बता रहे हैं।
3 जनवरी से शुरू होगा टीकाकरण
बच्चों के लिए टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के ‘कोविड वर्किंग ग्रुप’ के साथ-साथ NTAGI की ‘स्थायी तकनीकी वैज्ञानिक समिति के सुझाव को भी ध्यान में रखा गया है। सरकार का कहना है कि 2007 और उससे पहले जन्म लेने वाले बच्चे वैक्सीन लगवाने के लिए पात्र होंगे 15 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण 3 जनवरी, 2022 से शुरू किया जाएगा। इसके लिए 1 जनवरी से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा।
कोवैक्सीन बच्चों को लगेगी
अब सबसे पहले सवाल उठता है कि बच्चों को कौनसी वैक्सीन लगेगी। कोई नई वैक्सीन बनाई है या अभी जो लग रही है वही लगेगी। तो यहां आपको बता दें कि बच्चों को कोवैक्सीन की डोज लगाई जाएगी। पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज लगाई जाएगी। यह वैक्सीन 15 से 18 साल के बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित मानी गई है।
616 स्कूल को बनाया जाएगा सेंटर
बच्चों के लिए स्कूल को ही सेंटर बनाया जाएगा। शुक्रवार को वैक्सीनेशन को लेकर ग्वालियर में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक भी ली है। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी विकास जोशी, प्रभारी CMHO बिंदु सिंघल अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी विकास जोशी ने जानकारी दी है कि 616 स्कूल ग्वालियर में हैं। इनमें 400 स्कूल बढ़े और 216 कम छात्र संख्या वाले स्कूल हैं। इनमें कुल 1.42 लाख छात्र हैं जिनक उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच की है पर स्वास्थ्य विभाग से प्रभारी CMHO बिंदु सिंघल ने बताया कि 616 में से 400 बड़े स्कूलों पर सेंटर बनाने की योजना है। 250 से ज्यादा दल अभी हमारे पास हैं। जरुरत पड़ने पर और भी दल बनाए जाएंगे।

