ग्वालियर के मंदिर में बदमाशों ने पुजारियों को बंधक बनाकर मंदिर खोद डाला, तीन से चार मूर्तियां भी गायब
ग्वालियर. अंधविश्वास का एक नया मामला सामने आया है। लूट करने मंदिर में घुसे बदमाशों को पता लगा कि मंदिर में मूर्तियों के नीचे सालों पुराना गड़ाधन छुपा है इसके बाद बदमाशों ने मंदिर के दो पुजारियों को 5 घंटे तक बंधक बनाकर रखा और पूरा मंदिर खोद डाला, लेकिन सिवाय मिट्टी के कुछ नहीं मिला। आखिर में बदमाश पुजारी से पांच हजार रुपए लूट कर भाग गए। घटना देर रात तिघरा के दुगनावली गांव स्थित काली मंदिर की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मंदिर की स्थिति देखी और पुजारियों को मुक्त कराया है। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर लिया है। मंदिर से तीन से चार मूर्तियां भी गायब हैं। पुलिस उनका भी पता लगा रही हैं।
तिघरा में पंचा का पुरा निवासी कप्तान भगत पास ही दुगनावली काली माता मंदिर में बतौर पुजारी पदस्थ हैं। उनके साथ में मुंशी भगत भी हैं। शनिवार रात दोनों मंदिर में सो रहे थे। इस मंदिर के बारे में बता दें कि यह काफी पुराना काली माता का का मंदिर है। आसपास के कई गांव तक यह अंधविश्वास है कि मंदिर में जहां भगवान की मूर्तियां लगी हैं वहां प्राचीन धन गड़ा है। इसी सिलसिले में शनिवार-रविवार दरमियानी रात 12 बजे करीब 10 से 12 बदमाश मंदिर में वारदात की नीयत से दाखिल हुए। सबसे पहले पुजारी कप्तान भगत फिर मुंशी भगत को बंधक बना लिया गया है। इसके बाद पूरे मंदिर में खुदाई शुरू कर दी। जहां-जहां भगवान की मूर्तियां स्थापित थी वहां बदमाशों ने करीब 3 से 4 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया है। करीब 5 घंटे तक खुदाई के बाद भी जब बदमाशों को कुछ नहीं मिला तो उन्होंने गुस्से में सुबह पुजारी की जेब में रखे 5 हजार रुपए लूटे और भाग गए।
लोगों ने कराया बाबा को मुक्त
रविवार सुबह जब गांव के लोग मंदिर पहुंचे तो हैरान रह गए। मुर्तियों के पास गहरे-गहरे गड्ढे खुदे पड़े थे। अंदर कमरे में पहुंचे तो वहां दोनों पुजारी हाथ पैर बंधे पड़े थे। पहले लोगों ने पुजारियों कप्तान भगत और मुंशी भगत को मुक्त कराया। तत्काल मामले की सूचना तिघरा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची। मंदिर में गड्ढा और मिट्टी हर तरफ बिखरे पड़े हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के बाद जांच शुरू कर दी है।

