गेंडे वाली सड़क पर फूटी लाइन, 50 मी. खोदी बनी रोड
ग्वालियर. स्मार्ट सिटी की महत्वपूर्ण परियोजना गेंडे वाली सड़क पर पीएचई अमले ने 50 मीटर लंबाई में आठ फीट गहराई तक खोद दिया। इसे खोदने के पीछे सीवर लाइन फूटने का कारण बताया गया है। इस सड़क को उस स्थान पर खोदा गया है, जहां पीएचई अमले ने पहले ही अमृत लाइनों में कोई काम बाकी न होने संबंधी एनओसी जारी कर दी थी और स्मार्ट सिटी ने ड्राइ लीन कांक्रीट (डीएलसी) की परत बिछा दी थी। इससे पहले राजपायगा रोड पर भी स्मार्ट सिटी ने पिछले दिनों डामरीकरण की तैयारी कर ली थी, लेकिन अचानक पानी की लाइन फूटने के कारण इसका काम भी पिछड़ गया। आमखो रोड पर भी लाइन का वाल्व फूट गया था।
अक्टूबर में गेंडे वाली सड़क के निर्माण में लेटलतीफी के चलते ऊर्जा मंत्री द्वारा नाराजगी जताने के बाद स्मार्ट सिटी ने तेजी से काम शुरू कराया था, लेकिन अमृत योजना की लाइनें बार-बार फूटने के कारण काम में देरी हो रही है। गेंडे वाली सड़क पर जिस 900 मीटर के हिस्से में काम करने के लिए पीएचई ने स्मार्ट सिटी को एनओसी जारी की थी, उसी में शनिवार को सीवर लाइन में लीकेज हो गया। पीएचई अमले ने इस लीकेज को ठीक करने के लिए सड़क पर की गई ड्राइ लीन कांक्रीट को खोद दिया। इस हिस्से में स्मार्ट सिटी को अब सिर्फ सीमेंट कांक्रीट का काम करना था, लेकिन सड़क खोदने से पिछला किया गया पूरा काम बर्बाद हो गया है। अब 50 मीटर हिस्से में फिर से स्मार्ट सिटी को काम करना होगा। बार-बार सड़क खोदने से मजबूती पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि रोलिंग के बाद सड़क खोदने से इसके धंसकने की संभावना बढ़ जाती है। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट इंजीनियर अनिल सिंह चौहान ने बताया कि अब दोबारा से इस हिस्से में नए सिरे से काम करना पड़ेगा, जिसके कारण सड़क निर्माण में देरी होगी।

