गुर्जर समाज का जेल भरो आन्दोलन रहा पूरी तरह से विफल,माँग पत्र सौंपकर लौटे आंदोलनकारी नेता भाटी, प्रधान और चंद्रशेखर
ग्वालियर. गुर्जर आन्दोलन को लेकर गुर्जर समाज, औबीसी महासभा द्वारा जेल भरो आन्दोलन की चेतावनी राज्य सरकार को गयी थी। इसको जिला प्रशासन ने चुनोती के रूप में स्वीकार करते हुए एडीजीपी श्रीनिवास वर्मा ने पिछले 2 दिनों से बैठक लेकर ग्वालियर के आसपास पुलिस बुलाया और ग्वालियर 6 जगह पर खुली जेल बनाई थी। उसकी तहत 12 अक्टूबर गुरूवार को आसपास के जिलो को अलर्ट मोड पर रखते हुए जिसमें मुरैना, दतिया, शिवपुरी आदि को शामिल किया गया था। अंत में हार कर गुर्जर नेता रविन्द्र भाटी और प्रधान, चन्द्र शेखर रावण आदि ने जिला प्रशासन के सामने एक ही मांग रखी गुर्जर समाज पर लगाये कैसों को वापिस ले, बस इसकी के साथ ज्ञापन सौंपकर वापिस लौट गये।

मुरैना में किया गया गिरफ्तार
गुर्जर समाज से रविन्द्र भाटी, ओबीसी समाज से चन्द्रशेखर रावण को मुरैना की अल्लाबेली पुलिस चौकी पर गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन चन्द्रशेखर, रविन्द्र भाटी की मुरैना पुलिस से काफी लम्बे समय तक बात चली।

महाराजपुरा थाने पर हुई गिरफ्तारिया
जहां एक ओर ग्वालियर के आसपास के गुर्जरों को इस आन्दोलन में शामिल होना था लेकिर गिरगांव के आसपास के गुर्जरों ने ही गिरफ्तारियां जिसमें 12 बजे तक लगभग 53-36 गुर्जरों की एक बस भरकर गुर्जरों को धारा 151 में में गिरफ्तार कर केन्द्रीय जेल भेज दिया गया। इसके बाद 2 बजे के लगभग 12-15 गुर्जरों को दूसरी में बस में भेजा गया है। यहां भारी पुलिस के साथ सीएसपी नागेन्द्र सिंह सिकरबार और एसडीएम दिव्यदर्शन शर्मा अपनी टीम के साथ कार्यवाही को अंजाम दे रहे थे।

जहां पर जेल भरो कार्यक्रम होना था वहां था सन्नाटा
ग्वालियर मेला ग्राउण्ड के मैदान में गुर्जर समाज नेता रविन्द्र भाटी ने चेतावनी देते हुए कहा था कि मैं आ रहा हूं ग्वालियर मेला ग्राउण्ड पर जेल भरो आन्दोलन में हजारों गुर्जर समाज के लोगों के साथ गिरफ्तारी दूंगा। लेकिन 2 बजे तक पूरी तरह से सन्नाटा छाया हुआ था वहां पर महज पुलिस बल के अलावा कोई ओर दिखाई नहीं दे रहा था।

