केन्द्रीय कर्मचारियों का वेतन में बढ़ोत्तरी होगी बजट से
नई दिल्ली. केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेगी। आम जनता को उम्मीद है कि निर्मला सीतारमण की पोटली में से उनके लिये खुशियों की सौगात निकलेगी। लेकिन मोदी सरकार केन्द्रीय कर्मचारियों को भी बजट के बाद बडा उपहार दे सकती है। अनुमान जताया जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों का वेतन के फिटमेंट फैक्टर में बदलाव हो सकता है।
दरअसल फिटमेंट फैक्टर एक कॉमन वैल्यू होती है। जिसे कर्मचारियों की बेसिक पे से गुणा किया जाता है। इसी माह उनकी सैलरी कैलकुलेट होती है। इसमें बढोत्तरी होने से कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18 हजार रूपये से बढ़कर 26 हजार रूपये प्रतिमाह हो जायेगी
फिलहाल कॉमन फिटमेंट फैक्टर 2.57 प्रतिशत है. यानी अगर किसी कर्मचारी को 15500 रुपये बतौर बेसिक पे मिल रहे हैं तो उसकी सैलरी 15,500*2.57 या फिर 39,835 रुपये होगी. फिटमेंट रेश्यो 1.86 फीसदी पर रहने की पैरवी छठे सीपीसी ने की है. रिपोर्ट्स में कहा गया, कर्मचारियों की सरकार से मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 फीसदी किया जाए. इससे कर्मचारियों का वेतन 18 हजार रुपये से बढ़कर 26000 रुपये तक पहुंच जाएगा. कई साल से एम्प्लॉई यूनियन सरकार से फिटमेंट फैक्टर में इजाफे की मांग कर रहे हैं. उनका तर्क है कि डीए में बढ़ोतरी के बाद भी बेसिक सैलरी में इजाफा होना चाहिए क्योंकि सैलरी इसी आधार पर बढ़ती है.
सरकार ने बदले ये नियम
वित्त मंत्रालय ने बीते दिनों केंद्रीय कर्मचारियों के एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस से जुड़े नियमों में बदलाव किया था. नए नियमों में कहा गया कि कुछ मामलों में सरकारी कर्मचारियों को एचआरए नहीं मिलेगा. पहले नियम में कहा गया कि अगर कर्मचारी किसी दूसरे कर्मचारी को मिले सरकारी आवास को साझा करता है तो उसे एचआरए नहीं मिलेगा.

