कांग्रेस और कमलनाथ ओबीसी वर्ग से माफी मांगे: भारत सिंह कुशवाह
ग्वालियर पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेसी नेताओं की भूमिका ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि उसने पिछड़ा वर्ग की पीठ पर छुरा भोंकने का पूरा प्लान तैयार किया है जब पंचायत चुनाव की घोषणा हो गई थी तो कांग्रेस को उस में व्यवधान डालने की क्या आवश्यकता थी। दरअसल कांग्रेस के निशाने पर चुनाव के नियम कायदे नहीं पिछड़ा वर्ग को नीचे दिखाने के मंसूबे थे। कांग्रेस को सर्वोच्च न्यायालय उच्च न्यायालय चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर कोई भरोसा नहीं है। कांग्रेस नहीं चाहती कि पिछड़ा वर्ग और अन्य पीछे रह गए समाजों को राजनीतिक और आर्थिक बराबरी का अधिकार मिले। यह बात म0प्र0 शासन के मंत्री भारतसिंह कुशवाह ने भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा महानगर ग्वालियर द्वारा होटल प्रहलाद इन, पडाव, लश्कर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में व्यक्त की। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश मंत्री मदन कुशवाह, भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी जवाहर प्रजापति, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, मोर्चा के वरिष्ठ नेता जण्डेलसिंह उपस्थित थे।
समाज को बांटो और राज करो
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भरोसा सिर्फ समाज को बांटो और राज करो की नीति पर है लेकिन भारतीय जनता पार्टी सबका साथ सबका विकास चाहती है यही कारण है कि विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि हम चाहते हैं कि पंचायत चुनाव ओबीसी के आरक्षण के साथ हो । उन्होंने कहा कि विगत 26 दिसंबर 2021 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई जिसमें कैबिनेट में अपने ही अध्यादेश को वापस ले लिया साथ ही प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जिसके बाद पंचायत चुनाव निरस्त हुए।
कांग्रेस के सबसे बड़े षड्यंत्र का खुलासा
भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को लेकर कांग्रेस के सबसे बड़े षड्यंत्र का खुलासा तभी हो गया था जब उसकी सरकार ने विधानसभा को लिखित में बताया कि मध्यप्रदेश में ओबीसी की आबादी 27 प्रतिशत है इसी आधार पर सरकारी नौकरियों में ओबीसी समाज आरक्षण से वंचित रह गया है। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि पंचायत चुनाव में पिछड़ा समाज को हुए नुकसान के लिए कांग्रेस पार्टी के साथ साथ उनके राज्यसभा सांसद श्री विवेक तंखा पूरी तरह दोषी है क्योंकि उनके कारण ही पूरी चुनाव प्रक्रिया बाधित हुई है ।उन्होंने कहा कि कमलनाथ को जवाब देना चाहिए कि 8 मार्च 2019 को 14 से 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की तत्कालीन सरकार फैसले पर जब 10 मार्च को याचिका लगाई थी तब 10 से 19 मार्च तक उनकी सरकार ने कोर्ट में अपना एडवोकेट जनरल खड़ा क्यों नहीं किया ।
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और कमलनाथ में मामूली सी भी नैतिकता बची हो तो उन्हें प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समाज से माफी मांग कर अपनी जालसाजी के लिए पश्चाताप करना चाहिए। कांग्रेस की इस ओछी हरकतों के कारण आज केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के पिछड़ा वर्ग समाज के सामने कांग्रेस के षड्यंत्र की कलई खुल गई है। उन्होंने कहा कि चलती हुई चुनाव प्रक्रिया के बीच कांग्रेस ने जो षड्यंत्र किया है वह चुनाव के साथ नहीं सीधे.सीधे पिछड़ा वर्ग के साथ किया गया षड्यंत्र है। इस धोखे के लिए कॉन्ग्रेस और कमलनाथ को प्रदेश में ओबीसी वर्ग से माफी मांगना चाहिए।

