उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा में अब तक 7 की मौत, धारा 144 प्रभावशील, हिंसा में 100 से अधिक नामजद
नई दिल्ली. नागरिका संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर एक बार फिर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है पिछली 22 जनवरी को उत्तरपूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में भड़की हिंसा अब धीरे धीरे दूसरे इलाकों में भी तेजी से फैल रही है। सोमवार को कई इलाकों में जमकर उपद्रव मचाया गया है। जो कि मंगलवार को देर रात तक जारी रहा है। अभी तक इस हिंसा में एक पुलिस के जवान सहित 7 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
उत्तर पूर्वी दिल्ली में तनाव के बीच गृहमंत्री अमितशाह की आपात बैठक शुरू
इस आपात बैठक में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल भी मौजूद हैं। जानकारी के अनुसार, गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, गृहमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित सभी पार्टियों के प्रतिनिधि की आज दोपहर 12 बजे बैठक बुलाई गयी है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस बैठक में दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर गंभीर चर्चा हो सकती है और कोई ठोस कदम उठाया जा सकता है। इधर, उत्तर पूर्वी दिल्लीके उपायुक्त कार्यालय में पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक चल रही है। जिन इलाकों में अभी भी तनाव बना हुआ है। वहां पुलिसबल भेजा जा रहा हैं।
7 मेट्रो स्टेशन बंद, धारा 144 प्रभावशील
वहीं, एहिताहतन के तौर पर जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जौहरी एन्क्लेव और शिवबिहार मेट्रो स्टेशन को बन्द कर दिया गया है। साथ ही पूरे इलाके में धारा 144 प्रभावशील कर दी गयी है। इसके साथ ही नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के सभी स्कूलआज पूरी तरह से बन्दर है। पूरे इलाके में भारी मात्रा पुलिस बल की तैनाती की गयी है। इसके आलावा दिल्ली से सटे दूसरे राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया हैं।
4, 000 उपद्रवियों की वीडियो और तस्वीरों से की जाएगी पहचान- पुलिस
पुलिस की टीम उपद्रवियों की पहचान के लिए 30 वायरल वीडियो और फोटो को खंगाल रही। इनसे 4 हजार से अधिक उपद्रवियों के बारे में अहम जानकारी मिलेगी। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इन वीडियो और तस्वीरों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस इनकी पहचान के लिए मुखबिर तंत्र की भी मदद ले रही है। जिनके बारे में स्टीक जानकारी मिल जाने पर पुलिस उन्हें मामले में गिरफ्तार करेगी। सीएए के विरोध और समर्थंन में भड़काई गई हिंसा में 100 से अधिक नामजद हैं। जिनमें कई क्षेत्रीय स्तर के नेता भी बताए जा रहे हैं। नेताओं के नाम भी बताए जा रहे हैं। पुलिस को शक है जो नकाबपोश बवाल करते नजर आ रहे हैं, वे इस हिंसक घटनाओं के पीछे के साजिशकर्ताओं के बड़े मोहरे हो सकते हैं।

