इंदौर में लॉ कॉलेज में टारगेट पर हिंदू लड़कियां, प्रोफेसर पढ़ा रहे हिंदू आतंकवादी, गृहमंत्री ने कमिश्नर से कहा FIR करें
इंदौर. शासकीय लॉ कॉलेज में धार्मिक कट्टरता फैलाने का विवाद बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार शाम को कुछ छात्रों ने एक किताब को लेकर हंगामा किया। इसे छात्रों ने यहां के प्रोफेसर्स की ओर से हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फंसाने के सबूत के तौर पर पेश किया। किताब में लिखा है- हिंदू मुख्य आतंकवादी हैं। साथ ही विश्व हिंदू परिषद, RSS को लेकर भी आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं। इस किताब की कई प्रतियां लाइब्रेरी में स्टूडेंट के लिए रखवाई गई हैं। किताब लिखने वाली लेखिका पर भी छात्र संगठनों ने प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। लाइब्रेरी में किताब किसकी अनुमति से रखवाई गई, ये बड़ा सवाल है। इस तरह की अन्य किताबें भी लाइब्रेरी में मिली हैं। इस मामले में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। डॉ. फरहत खान द्वारा लिखी गई किताब की 24 घंटे में जांच कर FIR दर्ज करने के निर्देश इंदौर कमिश्नर को दिए हैं। लॉ कॉलेज के छात्रों ने पुलिस को सबूत सौंपे हैं। भंवरकुआं थाने में एक आवेदन भी दिया है। जिसमें किताब के लेखक, लॉ कॉलेज के प्राचार्य और एक शिक्षक पर केस दर्ज करने की मांग की है। पुलिस को दिए आवेदन के साथ किताब भी संलग्न की गई है। पुलिस भी अब किताब का अध्ययन कर रही है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की बात कही है।

ये लिखा है किताब में
पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, बर्मा में सांप्रदायिकता का संघर्ष नहीं है। शासन तो वहां भी सैकड़ों वर्ष अंग्रेजों का रहा था और अमेरिका का हस्तक्षेप आज भी इनकी सत्ता पर रहता है। आज सारे हिंदू संगठन एक स्वर से मुसलमानों के कश्मीर में धारा 370 लगाकर विशेष सुविधाएं देने का विरोध यह कहकर करते हैं कि कश्मीर में उग्रवाद धारा 370 के कारण ही पनप रहा है। यदि इनसे पूछा जाए कि पंजाब में उग्रवाद क्यों है, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम में जहां हिंदू उग्रवाद है, वहां भी धारा 370 नहीं लगी है। हिंदू कहते हैं कि समान नागरिक संहिता की बात कहकर हम मुसलमानों के कानून में सुधार करना चाहते हैं, जो नारी के विरुद्ध है। यदि उनसे पूछा जाए कि आप अपने व्यक्तिगत कानून को और भी शास्त्रों के कानून को क्यों लागू करना चाहते हैं, जो शूद्र स्त्री और गैर हिंदुओं के विरुद्ध है। पहले हिंदुओं को अपने सिविल कोड में सुधार की बात करनी चाहिए। उपरोक्त संक्षिप्त विवरण में हमने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसकी परिवार की संस्थाओं के क्रियाकलाप पर प्रकाश डाला। हिंदुओं के जितने भी सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठन बने हैं। उनका एक मात्र उद्देश्य देश के मुसलमानों का विनाश करना है और शूद्रों को दास बनाना है। हिंदू पद पादशाही कायम करना है और हिंदू राजतंत्र का शासन वापस लाकर ब्राह्मण को पृथ्वी का देवता बनाकर पूज्य बनाना है।
हिंदू लड़कियों को टारगेट कर रहे धर्म विशेष के स्टूडेंट
लॉ कॉलेज में हिंदू लड़कियों को धर्म विशेष के स्टूडेंट की ओर से टारगेट करने की बात भी सामने आई है। कॉलेज में सामने आए विवाद के बाद लड़कियां डरी सहमी हैं। बहुत सारी लड़कियां तो कॉलेज भी नहीं आ रहीं। वहीं, धर्म विशेष के स्टूडेंट्स भी गायब हैं।

